जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं

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    2. हिंदी भाषा संकल्प

    मातृवन्दना सितम्बर 2010 हिंदी हो, हिन्द की भाषा, हिंदी से हिन्द की पहचान हो, हम सब बोलें भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा होघर हो या दफ्तर, गली चाहे कोई दुकान हो, निःसंकोच हम बोलें भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा होबात हो पत्र लिखने की या विज्ञापन प्रकाशन हो, लिखें हम भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा…

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    1. स्वाधीन भारत में

    ज्ञान वार्ता छमाही 2010 पराधीन देश में, वो घड़ी लगती अच्छी थी स्थान-स्थान पर तिरंगा फहराने को लगाना जान की बाजी, लगती अच्छी थी आज गीत वन्दे मातरम् गाने कोराष्ट्रीय गान का, अपमान हो रहा क्यों ?हमारे स्वाधीन भारत में ! आतंकी संसद पर हमला हैं करते हम आर-पार की लड़ाई करने की हैं सोचा…

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    1. संपर्क भाषा

    ज्ञान वार्ता छमाही 2010 मेरे मन भाया तेरा विचार, भाषा हिंदी इसकी लिपी बनी भाषा उसकी, भाषा हिंदी हिन्द की सम्पर्क भाषा, भाषा हिंदी फोन कन्याकुमारी से पहुँचता कश्मीर, भाषा हिंदी फैक्स गुजरात से पहुँचती आसाम, भाषा हिंदीहिन्द की सम्पर्क भाषा, भाषा हिंदी हर व्यक्ति की साँस, हिन्द की धड़कन, भाषा हिंदी हर स्थान की…

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    2. वैदिक वर्ण व्यवस्था का सत्य

    मातृवंदना मई 2010 इस लेख का मुख्य प्रेरणा-स्रोत लाला ज्ञान चंद आर्य द्वारा लिखित “वर्ण व्यवस्था का वैदिक रूप” पुस्तक है l यह पुस्तक उनका अपने आप में एक हृदय स्पर्शी और अनूठा प्रयास है l पुस्तक में दर्शाया गया है – मानव शरीर के अवयव मुख-ब्राह्मण, बाहु-क्षत्रिय, उदर–वैश्य और पैर–शूद्र हैं l प्रत्येक मनुष्य…

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    3. चोर

    21 मार्च 2010 कश्मीर टाइम्सकाला होता है मन मेरा, काला ही सबको कहता हूँ, चोर भाव छुपाता है मन मेरा, चोर ही सबको कहता हूँ, नजर मेरी सबको देखती है, पर खुद को न कभी देख पाई है, ढूंढता हूँ बाहर, छुपाए चोर भीतर, नहीं बात समझ में आई है, चोर हूँ, क्यों न चोरी…

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