श्रेणी: सामाजिक जन – चेतना
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5. कर्तव्य विमुखता का काला साया
आलेख – सामाजिक चेतना दैनिक जागरण 6 सितंबर 2007 आज बुराई का प्रतिरोध करने वाला हमारे बीच समाज में कोई एक भी साहसी, वीर, पराक्रमी, बेटा, जन नायक, योद्धा अथवा सिंहनाद करने वाला शेर नौजवान दिखाई नहीं दे रहा है l मानों जननियों ने ऐसे शेरों को पैदा करना छोड़ दिया है l गुरुजन योद्धाओं…
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3. जनहित विरोधी मानसिकता
25 अगस्त 2007 दैनिक जागरण सामाजिक जन चेतना “भारत देश महान” जैसी बातें अब नीरस और खोखली लगने लगी हैं l मन्दिर समान पवित्र घर और विद्यालयों में जहाँ कभी ज्ञान, श्रद्धा, प्रेम-भक्ति और विश्वास पाया जाता था, वहां पर अज्ञान, अश्रद्धा, अवज्ञा, अविश्वास होने के साथ-साथ अवैध संबंध, भ्रूण हत्याएं, बात-बात पर वाद-विवाद, मार-पीट, मन-मुटाव,…
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4. स्वदेशी
दैनिक जागरण 25 फरवरी 2006देश है प्यारा अपना स्वदेशीरहना है नित प्यारे स्वदेशजीना मरना लगे प्यारा स्वदेशीप्यार हुआ है संग प्यारे स्वदेशपा लेना है ज्ञान विदेशीभूल नहीं जाना है स्वदेशस्वदेश से नहीं प्यारे प्राण स्वदेशीस्वर्ग से भी प्यारा है स्वदेशउत्पादन बढ़ाना है देशी स्वदेशीपहुंचाना है उसे देश विदेशमुद्रा अर्जित करना देशी विदेशीचिड़िया सोने की फिर…