श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं
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9. विश्व दर्पण में भारतीय संस्कृति
20 दिसम्बर 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्स प्राचीन भारतवर्ष विश्व मानचित्र पर आर्यावर्त देश रहा है। आर्य वेदों को मानते थे। वे अपने सब कार्य वेद सम्मत करते थे। वेद जो देव वाणी पर आधारित हैं, उन्हें ऋषि मुनियों द्वारा श्रव्य एवं लिपिबद्ध किया हुआ माना जाता है। वेदों में ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्वेद प्रमुख हैं । वे सब सनातन…
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19. मुसाफिर हो
कश्मीर टाइम्स 6 दिसंबर 2009 आने वाले आते हैं,जाने वाले जाते हैं,आना, जाना खेल दुनियां का,खेल है, पल दो पल का,दुनियां का जाना पहचाना है,मुसाफिर हो, जाना हैसभी संग प्रेम करने वाले,हर काम बखूबी करने वाले,कुछ खट्टी यादें,कुछ मीठी यादें,बस यहां यादों ने रह जाना है,मुसाफिर हो, जाना हैकहने वाले कहते रहेंगे,सुनने वाले सुनते रहेंगे,गिले…
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1. भारतीय संस्कृति का संरक्षण आवश्यक
नवम्बर 2009 मातृवन्दनायह बात सर्व विदित है कि भारत ऋषि मुनियों का देश रहा है। मनीषियों ने मानव जीवन को मुख्यता चार आश्रमों में विभक्त किया था। उनमें ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यासाश्रमों के अपने विशेष सिद्धांत थे।, उच्च आदर्श थे। उनके अनुसार मनुष्य अपना सार्थक एवं समर्थ जीवन यापन करता हुआ अपार शक्तियों का स्वामी बन जाता था। भारत…
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18. रक्षा – सुरक्षा
कश्मीर टाइम्स 22 नवम्बर 2009 मेहनती पिसे चक्की,चापलूस मारे फक्के,राज करे महामूर्ख,ज्ञानी खाए धक्केअत्याचार शोषण के साए में,जनहित दीखता है कहां?भय अन्याय के साम्राज्य में,जानमाल सुरक्षित होता है कहां?
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17. मेहनती
कश्मीर टाइम्स 15 नवंबर 2009 पहाड़ों को समतल करने वाले,बाधाओं से कब डरते हैं?खुद करते है हाथ, कार्य करने वाले,निर्धनता, बेरोजगारी दूर करते हैंमेहनती हाथों से कार्य करने वाले,जिंदगी में मौत से कहां डरते है?मन से राम नाम जपते हैं,ईश्वर का साक्षात्कार करते हैं