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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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नाना पाटेकर
कभी अपनी कमाई को खुले आसमान के नीचे रखके देखिये। रातभर नींद नहीं आएगी। जरा देश के किसानों के बारे में सोचिये, आापकी आंखें खुल जांयेगी।
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अब्दुल कलाम
आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई है। ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है।
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सरदार पटेल
शक्ति के अभाव में विश्वास का कोई मूल्य नहीं रह जाता। शक्ति और विश्वास के संयोग से ही महान कार्य संपादित होते हैं।
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सर वेंकट रमण (सी वी रमण)
अगर भारत में विज्ञान मातृभाषा में पढ़ाया गया होता तो आज भारत दुनियां में अग्रण्य देशों में होता।
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भर्तृहरि
आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और उद्यम सबसे बड़ा मित्र, जिसके साथ रहने वाला कभी दुखी नहीं रहता।