जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



आचार्य चाणक्य

जो व्यक्ति अपनी गलतियों के लिये स्वयं से लड़ता है उसे कोई भी हरा नहीं सकता।