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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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सरदार पटेल
बेशक कर्म पूजा है लेकिन हास्य जीवन है। जो कोई अपना जीवन गंभीरता से लेता है, उसे एक तुच्छ जीवन के लिए तैयार रहना चाहिए।
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लाल बहादुर शास्त्री
आजादी की रक्षा केवल सैनिकों का कार्य नहीं है, बल्कि पूरे देश को मजबूत होना होगा।
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बी बैलेट
जैसे शरद ऋतु के बाद वसंत आता है, उसी तरह मंदी के बाद समृद्धि और आर्थिक विकास का दौर आता है।
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गौतम बुद्ध
क्रोध को पहले रखना गर्म कोयले को किसी औेर पर फैंकने की नीयत से पकड़े रखने के समान है, इसमें आप ही जलते हैं।
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अब्राहम लिंकन
साधारण दिखने वाले लोग ही दुनियां के सबसे अच्छे लोग होते हैं। यही बजह है कि भगवान ऐसे बहुत से लोगों का निर्माण करता है।