श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं
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16. क्या भारत ?
कश्मीर टाइम्स 1 नवम्बर 2009 विदेशों में कालाधन पहुंचाने से,चंद सिक्कों में स्वयं बिक जाने से,सस्ते में राष्ट्रीय सुख-शांति बिकवाने से,क्या भारत बना महान है?आज़ादी लेने हेतु रात-दिन तड़पने से,भूखे रहकर फांसी पर चढ़ जाने से,गोलियां खाकर शहीद हो जाने से,क्या भारत बना महान है?जगह जगह भाषा-भाषी मधुर संम्पर्क से,पग-पग पर धार्मिक सौहार्द से,मानव जाति…
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15. प्रदूषण का उद्गम
कश्मीर टाइम्स 4 अक्तूबर 2009 मकान, अस्पताल से बाहर आता प्रदूषण है,इंडस्ट्रीज, फैक्ट्रीज से बाहर आता प्रदूषण है,दुकान, गोदाम से बाहर आता प्रदूषण है,पशुशाला, बूचड़खानों से बाहर आता प्रदूषण है,डालते हैं कहां? हम उस प्रदूषण को,फैंकते है हम कहां? उस प्रदूषण को,क्या हम जलधारा में बहा देते हैं प्रदूषण?या सीमा से बाहर फैंक देते हैं…
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2. विषधर जानो
सितम्बर 2009 मातृवंदनासमझ सके, समझ ले भाई!चापलूस सांप दोनों हैं सगे भाई,चापलूस चापलूसी करता है,जहर सांप उगला करता है,चापलूस नहीं साथी किसी का,मतलब निकाला करता है,दूध पिलाओ चाहे जितनासांप डंक मारा करता है,बात जान ले, सारा यह जहान!चापलूस और सांप दोनों एक समान,
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8. आदर्श समाज की कल्पना
6 सितम्बर 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्स सामाजिक जन चेतना आओ हम ऊँच-नीच का भेद मिटायें, सब समान हैं, चहुँ ओर संदेश फैलायें l भारतीय समाज में कोई जाति से बड़ा है तो कोई धर्म से, कोई पद से ऊँचा है तो कोई धनबल से l प्रश्न उठता है कि क्या ऐसा पहले भी होता था…
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1. पन्द्रह अगस्त
अगस्त 2009 मातृवंदनाआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैजीने का अधिकार सबने पाया हैरिश्वत किसी से नहीं लेनी थी इसनेघूस किसी को नहीं देनी थी उसनेतूने कमिशन खाने का अधिकार किससे पाया हैआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैयहांवहां गबनों का दौर चल रहा हैआए दिन घेटालों का पिटारा खुल रहा हैपलपल माल चोरी का…