श्रेणी: मातृवंदना शिमला
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1. देश हमारा
मातृवन्दना सितम्बर 2014 जन-जन का देख भाई चारा,विश्व हुआ हैरान हैदवी जुवान से प्रसंशा करता,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम——— वन्दे मातरमतरह तरह के फूल इसके,फूलदान में सब एक हैंसुगंध फैलाते चहुं ओर अपनी,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम————–वन्दे मातरमखेलना इन्हें पसंद तूफानों से,खुदको मिटा देना शान सेआन बान शान बनाए रखना,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम———- वन्दे मातरमबुरी…
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2. राम-राज्य कैसे हो साकार?
राष्ट्रीय भावना मातृवन्दना मार्च-अप्रैल 2014 प्राचीन काल से ही भारत भूमि ऋषि-मुनियों की तपो भूमि रही है। यह सब उन्हीं के तप का प्रतिफल है कि भारतवर्ष विश्व के मानचित्र पर आर्यवर्त के नाम से सर्व विख्यात हुआ। समय की मांग के अनुसार उसमें वेद, भाष्य, ऋचाएं, रामायण और गीता जैसे अन्य अनेकों धर्म-ग्रंथों की…
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1. समाज एवं राष्ट्र की सुरक्षा के मानदंड
जनवरी 2014 मातृवन्दना व्यक्तिगत और पारिवारिक सुरक्षा से बड़ी सामाजिक सुरक्षा है और सामाजिक सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्र की सुरक्षा है। अतएव देश के भविष्य हेतु हमारे युवाओं को कुछ मानदंड स्थापित करने होंगे जिनके लिए उन्हें निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना होगा1 मानव समाज सदैव वीरों की पूजा करता है, कायरों की नहीं।2 समाज में…
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3. भू-जल स्तर में कैसे होगी वृद्धि ?
दिसम्बर 2013 मातृवंदना पर्यावरण चेतना भू-जल स्तर में आ रही निरंतर गिरावट को जल का सदुपयोग करने से रोका जा सकता है l इससे भूजल स्तर की पुनः वृद्धि हो सकती है l इसके लिए हमें आज ही से निरंतर जागरूक रहकर स्वयं कुछ प्रयास करने होंगे l जब भी पानी पीना हो, स्वास्थ्य का…
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2. युवा पीढ़ि और उसका दायित्व
अक्तूबर 2013 मातृवन्दना ईश्वर द्वारा रचित प्रकृति में पृथ्वी और उसके चारों ओर ब्रह्माण्ड बड़ा विचित्र है। सूर्य में ताप, चन्द्रमा में चांदनी, वायु में सरसराहट और नदियों में कल-कल मधुर संगीत का मिश्रण इस बात का द्योतक है कि समस्त ब्रह्माण्ड में कोेेई भी अमुक वस्तु किसी न किसी गुण विशेष के लिए अपना महत्व…