श्रेणी: क्षत्रिय-शूरवीर
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श्रेणी: क्षत्रिय-शूरवीर
ब्राह्मण का अर्थ
दिनांक 20 अक्तूबर 2025“ब्राह्मण” एक संस्कृत शब्द है जो “ब्रह्म” (परम सत्य, ज्ञान या ईश्वर) से बना है l इसका मूल अर्थ ज्ञान और सत्य के ज्ञाता व्यक्ति से है l शास्त्रीय दृष्टि से – मनुस्मृति वेद और पुराणों के अनुसार – ब्राह्मण वह है जो ब्रह्म (परमात्मा या सत्य ज्ञान) को जानने सिखाने और…
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ब्राह्मण – ज्ञानवीर
उद्देश्य – विश्व कल्याण हेतु ज्ञान विज्ञान का सृजन, पोषण और संवर्धन करना l – ब्रह्मा जी का मुख ब्राह्मण होने के कारण ज्ञानी, विद्वान्, बुद्धिमान, वैज्ञानिक, न्यायविद, गुरु, आचार्य, अध्यापक, शिक्षक और अभिभावक ब्राह्मण हैं l – ज्ञान बुद्धि का आभूषण है जिसे ब्राह्मण धारण करता है l – # ब्राह्मण एक वह वास्तुकार…
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श्रेणी: क्षत्रिय-शूरवीर
क्षत्रिय – शूरवीर
उद्देश्य – ब्राह्मण, नारी, धर्म, राष्ट्र, गाये के प्राणों की रक्षा – सुरक्षा की सुनिश्चितता बनाये रखना l – # राजनीति एक वह मंच है जिससे राजनेताओं द्वारा जनता की सेवा की जाती है। इस मंच पर उन लोगों को आगे अवश्य आना चाहिए जो सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय का अर्थ भली प्रकार समझते हैं…