श्रेणी: गुरु – आचार्य
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ब्राह्मण – ज्ञानवीर
उद्देश्य – विश्व कल्याण हेतु ज्ञान विज्ञान का सृजन, पोषण और संवर्धन करना l – ब्रह्मा जी का मुख ब्राह्मण होने के कारण ज्ञानी, विद्वान्, बुद्धिमान, वैज्ञानिक, न्यायविद, गुरु, आचार्य, अध्यापक, शिक्षक और अभिभावक ब्राह्मण हैं l – ज्ञान बुद्धि का आभूषण है जिसे ब्राह्मण धारण करता है l – # ब्राह्मण एक वह वास्तुकार…
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श्रेणी: गुरु – आचार्य
गुरु – आचार्य
– # विद्यार्थी को तराशकर एक योग्य ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र कोई बना सकता है तो वह गुरु ही हो सकता है l* – दूषित राजनीति से छुटकारा दिलाने हेतु चाणक्य जैसे आचार्यों को, चन्द्र गुप्त मौर्य जैसे विद्यार्थियों के साथ, आगे अवश्य आना पड़ता है l – जब जब चाणक्य जैसा कोई आचार्य…