श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ
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7. ज्ञान चालीसा
आलेख – कश्मीर टाइम्स 16.11.2008 योग्य गुरु एवंम योग्य विद्यार्थी के संयुक्त प्रयास से प्राप्त विद्या से विद्यार्थी का हृदय और मस्तिष्क प्रकाशित होता है l अगर विद्या प्राप्ति हेतु प्रयत्नशील द्वारा बार-बार प्रयत्न करने पर भी असफलता मिले तो उसे कभी जल्दी हार नहीं मान लेनी चाहिए बल्कि ज्ञान संचयन हेतु पूर्ण लगनता के…
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6. कब तक होती रहेगी राजभाषा की अनदेखी
आलेख – संस्मरण कश्मीर टाइम्स 9.11.2008क्या हिंदी “हिन्द की राजभाषा” को व्यवहारिक रूप में जन साधारण तक पहुँचाने में कोई बाधा आ रही है ? अगर हाँ तो हम उसे दूर करने में क्या प्रयास कर रहे हैं ? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढना ज्यादा जरूरी है lमुझे भली प्रकार याद है, दिनाक 29 फरवरी…
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3. सार्थक दीपावली
26 अक्तूबर 2008 कश्मीर टाइम्सनगर देखो! सबने दीप जलाए हैं द्वार-द्वार पर,घर आने की तेरी ख़ुशी में मेरे राम!तुम आओगे कब? मेरे मन मंदिर,अँधेरा मिटाने मेरे राम!आशा और तृष्णा ने घेरा है मुझको,स्वार्थ और घृणा ने दबोचा है मुझको,सीता को मुक्ति दिलाने वाले राम!विकारों की पाश काटने वाले राम !दीप बनकर मैं जलना चाहूँ,दीप तो…
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5. हमारी हिन्दी भाषा
12 अक्तूबर 2008 कश्मीर टाइम्सयह सत्य है कि हमारे देश के लोग, उनका रहन-सहन, खान-पान, आचार-व्यवहार, राष्टीय भौगोलिक स्थिति, जलवायु और उत्पादन से देश की सभ्यता और संस्कृति को बल मिलता है। उससे भारत की पहचान होती है। अगर कभी इसमें विद्यमान गुण व दोषों को समाज के सम्मुख अलिखित रूप में व्यक्त करना पड़े…
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2. राजभाषा हिंदी
5 अक्तूबर 2008 कश्मीर टाइम्समेरे मन भाया तेरा विचार, भाषा हिंदी,इसकी लिपि बनी भाषा उसकी, भाषा हिंदी,हिन्द की संम्पर्क भाषा, भाषा हिंदी,फोन कन्याकुमारी से पहुंचता कश्मीर, भाषा हिंदी,फैक्स गुजरात से पहुंचती आसाम, भाषा हिंदी,हिन्द की संम्पर्क भाषा, भाषा हिंदी,हर व्यक्ति की सांस, हिन्द की धड़कन, भाषा हिंदी,हर स्थान की बोली, हिन्द की पहचान, भाषा हिंदी,हिन्द…