श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ
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2. विलुप्त होंगी राष्ट्रीय श्वेत धाराएँ
11 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्स सामाजिक जन चेतना -14 “अब आसान नहीं होगा पशुओं को आवारा छोड़ना l विभाग ने बनाई योजना l पंचायतों के निमायंदों को किया जा रहा जागरुक l” जी हाँ, यही है दैनिक पंजाब केसरी में दैनिक दिनांक 14 जून 2008 का प्रकाशित समाचार l स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् भारतीय इतिहास में…
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4 विषधर
कश्मीर टाइम्स 21 दिसम्बर 2008 समझ सके, समझ ले भाई चापलूस, सांप दोनों हैं सगे भाई चापलूस चापलूसी करता है जहर सांप उगला करता है चपलूस नहीं साथी किसी का मतलब निकाला करता है दूध पिलाओ चाहे जितना सांप डंक मारा करता है बात जान ले सारा यह जहानचापलूस, सांप दोनों एक समान
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10. हम वही हैं जो
14 दिसंबर 2008 कश्मीर टाइम्स सामाजिक बुराइयाँ व जन जागरण – 17 हिमाचल की दैनिक पंजाब केसरी 2 फरवरी 2008 में प्रकाशित समाचार लार्ड मैकाले ने कहा था – “भाजपा नेता केदारनाथ सहनी को अमरिका में बसे अडप्पा प्रसाद से मिला पत्र – उन्होंने लार्ड मैकाले द्वारा 1835 में ब्रिटिश संसद में दिए गये वक्तव्य…
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9. समय की मांग
30 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह भी एक समय था जब देश में हर नौजवान किसी न किसी हस्त-कला एवं रोजगार से जुड़ा हुआ था। चारों ओर सुख-समृद्धि थी। देश में कृषि योग्य भूमि की कहीं कमी नहीं थी। पर ज्यों-ज्यों देश की जन संख्या बढ़ती गई त्यों-त्यों उसकी उपजाऊ धरती और पीने के पानी में…
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8. राष्ट्रीय समर्थ भाषा
23 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह समाज और राष्ट्र गूंगा है जिसकी न तो कोई अपनी भाषा है और न लिपि। अगर भाषा आत्मा है तो यह कहना आतिशयोक्ति नहीं होगी कि भाषा से किसी व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र की अभिव्यक्ति होती हैं।विश्व में व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का भौतिक विकास और आध्यात्मिक उन्नति…