श्रेणी: संकलित आलेख
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गुलाम व्यवस्था
31 जनवरी 2026 # संविधान में स्वतंत्रता का अधिकार है तो समाज में व्यवस्था गुलाम क्यों ?* भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19–22) देता है। इसमें विचार, अभिव्यक्ति, आंदोलन, निवास और व्यवसाय की स्वतंत्रता शामिल है। फिर भी व्यवहारिक जीवन में प्रायः ऐसा अनुभव होता है कि समाज की व्यवस्था…
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सबका हित
29 जनवरी 2026 सबका हित – # जब हमारे विचार, वाणी और कार्य, व्यक्तिगत हित से ऊपर उठते हैं तभी हम व्यक्ति, परिवार समाज और राष्ट्र का हित करने में समर्थ होते हैं l* जब हमारे विचार, वाणी और कार्य केवल व्यक्तिगत स्वार्थ तक सीमित न रहकर समष्टि के कल्याण की ओर उन्मुख हो जाते…
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अच्छे व्यवहार की अपेक्षा
29 जनवरी 2026 # जब हम बच्चे को अच्छे संस्कार देते हैं तभी हम उससे अपने लिए अच्छे व्यवहार की अपेक्षा कर सकते हैं l* बच्चा जन्म के समय कोरी स्लेट के समान होता है। उसके मन, सोच और व्यवहार पर सबसे पहला और सबसे गहरा प्रभाव उसके माता-पिता, परिवार और आसपास के वातावरण का पड़ता…
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समाज में असमानता
दिनांक 26 जनवरी 2026# संविधान में समानता का अधिकार है तो समाज में भेद-भाव, ऊँच-नीच क्यों है ?*असमानता – संविधान में समानता का अधिकार होते हुए भी समाज में भेद-भाव क्यों?1. संविधान क्या कहता है? – भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 से 18 नागरिकों को समानता का अधिकार देता है।इनमें प्रमुख बातें हैं -कानून के…
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मानव जीवन में अनुशासन का महत्व
दिनांक 31 दिसंबर 2025 आलेख मानव मानव जीवन में अनुशासन का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्यक्ति के व्यक्तिगत, सामाजिक और पेशेवर जीवन में सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाता है। इसे विस्तार से समझते हैं:1. अनुशासन का अर्थअनुशासन का अर्थ है नियमों, नियमावली और स्व-नियंत्रण का पालन करना। यह व्यक्ति…