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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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देश-काल के विपरीत
अनमोल वचन :-गुणी जनों के सानिध्य में ही सद्गुण विकसित होते हैं, बुरे संग से गुण भी दोष में बदल जाते हैं। जैसे नदी का मीठा जल समुद्र के सानिध्य में अपने गुण को खो देता है और खारा हो पीने योग्य नहीं रहता।
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शत्रु और रोग
अनमोल वचन :-जो उत्पन्न होते ही शत्रु और रोग को नष्ट नहीं कर देता, वह महाबलशाली हो तो भी उसके शत्रु और रोग वृद्धि को प्राप्त होकर उसे मार डालते हैं अर्थात् शत्रु और रोग को उत्पन्न होते ही नष्ट कर देना चाहिए।
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परीक्षा करनी चाहिए
अनमोल वचन :-विपत्ति में मित्र, युद्ध में वीर, धन होने पर मन की शुद्धता, धननष्ट होने पर स्त्री, और आपत्तियों में बांधवों की परीक्षा करनी चाहिए।
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हितकर होते हुए भी
अनमोल वचन :-इस संसार में सदा मन को प्रिय लगने वाला वचन बोलने वाला महापापी मनुष्य भी अवश्य मिल सकता है, परंतु हितकर होते हुए भी अप्रिय वचन को कहने और सुनने वाले दोनों दुर्लभ हैं।
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अपना पक्ष त्यागकर
अनमोल वचन :-इस संसार में सदा मन को प्रिय लगने वाला वचन बोलने वाला महापापी मनुष्य भी अवश्य मिल सकता है, परंतु हितकर होते हुए भी अप्रिय वचन को कहने और सुनने वाले दोनों दुर्लभ हैं।
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बुद्धिमान लोग
अनमोल वचन :-बुद्धिमान (महात्मा) लोग सम्पत्ति और विपत्ति में एकरूप रहते हैं अर्थात सुख – दुःख में समान रहते हैं, उसी प्रकार जैसे सुर्य उदय के समय भी लाल रहता है और अस्त काल में भी लाल ही रहता है।
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सफलता का नियम
अनमोल वचन :-जो व्यक्ति अरणियों (विशेष लकड़ी) को मथते हुए बीच में रुकने की चाह नहीं रखता, वही अग्नि प्राप्त करता है। यही नियम किसी भी कार्य की सफलता के लिए है अर्थात निरंतर परिश्रम करने से ही सफलता मिलती है।
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शब्दों का प्रभाव
अनमोल वचन :-राजन! मधुर शब्दों में कही हुई बात अनेक प्रकार से कल्याण करती है किन्तु वही यदि कटु शब्दों में कही जाए तो महान अनर्थ का कारण बन जाती है।
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महान विचार का प्रभाव
अनमोल वचन :-जिस प्रकार जंगल में सियार तभी तक कोलाहल करते हैं जब तक सिंह की गर्जना सुनाई नहीं देती, उसी प्रकार अन्य मतों के तथाकथित विकासशील आधुनिक कहे जाने वाले विचार कुछ समय ही प्रभाव दिखाते हैं जबतक वेदांत रूपी महान विचार का ज्ञान नहीं हो जाता।
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परमगति की प्राप्ति
अनमोल वचन :-जो बुद्धिमान मानव इस संसार में सत्वगुण से युक्त, सबका हित चाहने वाले और प्राणियों के समागम को कर्मानुसार समझने वाले हैं, वे परमगति को प्राप्त करते हैं।