जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



नवीन लेख

विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।

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    अनुशासित राष्ट्र

    दिनांक 17 अप्रैल 2026अनुशासित राष्ट्र वह राष्ट्र होता है जहां नागरिक, संस्थाएं और शासन सभी पुरातन, धार्मिक और नैतिक विचारधारा का पालन करते हैं। ऐसे राष्ट्रों में व्यवस्था, शांति और विकास का स्तर ऊंचा होता है क्योंकि लोग अपनी शक्तियों के साथ-साथ अपनी अखंडता को भी महत्व देते हैं।1.निर्देश का अर्थअनुशासित का मतलब है -…

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    अनुशासित जीवन

    दिनांक 8 अप्रैल 2026 आलेख मानव अनुशासन का अर्थ है—नियमों, सिद्धांतों और मर्यादाओं के अनुसार अपने जीवन को व्यवस्थित करना। यह व्यक्ति को सही मार्ग पर चलने, समय का सदुपयोग करने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता करता है।1. अनुशासन का अर्थअनुशासन का शाब्दिक अर्थ है – नियमों का पालन करना और अपने…

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    राष्ट्रीय समस्याएँ और उनके निदान

    दिनांक 1 अप्रैल 2026अखंड भारतकिसी भी राष्ट्र के विकास में कई प्रकार की समस्याएँ बाधा बनती हैं। यदि इन समस्याओं को सही समय पर समझकर समाधान किया जाए, तो देश तेजी से प्रगति कर सकता है। प्रमुख राष्ट्रीय समस्याएँ1. जनसंख्या वृद्धि – तेजी से बढ़ती जनसंख्या संसाधनों पर दबाव डालती है। बेरोजगारी, गरीबी और आवास…

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    दान का महत्व

    14फरवरी 2026भारतीय संस्कृति, धर्म और दर्शन में अत्यंत उच्च माना गया है। दान केवल धन देना नहीं है, बल्कि यह हृदय की विशालता, करुणा और त्याग की अभिव्यक्ति है। 1. शास्त्रीय दृष्टिकोण से दान – भगवद्गीता (अध्याय 17) में दान के तीन प्रकार बताए गए हैं:सात्त्विक दान – कर्तव्य समझकर, योग्य व्यक्ति को, बिना फल…

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    गुलाम व्यवस्था

    31 जनवरी 2026 # संविधान में स्वतंत्रता का अधिकार है तो समाज में व्यवस्था गुलाम क्यों ?* भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19–22) देता है। इसमें विचार, अभिव्यक्ति, आंदोलन, निवास और व्यवसाय की स्वतंत्रता शामिल है। फिर भी व्यवहारिक जीवन में प्रायः ऐसा अनुभव होता है कि समाज की व्यवस्था…

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    सबका हित

    29 जनवरी 2026 सबका हित – # जब हमारे विचार, वाणी और कार्य, व्यक्तिगत हित से ऊपर उठते हैं तभी हम व्यक्ति, परिवार समाज और राष्ट्र का हित करने में समर्थ होते हैं l* जब हमारे विचार, वाणी और कार्य केवल व्यक्तिगत स्वार्थ तक सीमित न रहकर समष्टि के कल्याण की ओर उन्मुख हो जाते…

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    अच्छे व्यवहार की अपेक्षा

    29 जनवरी 2026 # जब हम बच्चे को अच्छे संस्कार देते हैं तभी हम उससे अपने लिए अच्छे व्यवहार की अपेक्षा कर सकते हैं l* बच्चा जन्म के समय कोरी स्लेट के समान होता है। उसके मन, सोच और व्यवहार पर सबसे पहला और सबसे गहरा प्रभाव उसके माता-पिता, परिवार और आसपास के वातावरण का पड़ता…

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    समाज में असमानता

    दिनांक 26 जनवरी 2026# संविधान में समानता का अधिकार है तो समाज में भेद-भाव, ऊँच-नीच क्यों है ?*असमानता – संविधान में समानता का अधिकार होते हुए भी समाज में भेद-भाव क्यों?1. संविधान क्या कहता है? – भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 से 18 नागरिकों को समानता का अधिकार देता है।इनमें प्रमुख बातें हैं -कानून के…

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  • सत्सनातन – धर्म

    सत्य – सौ झूठ छिपाने के लिए एक और झूठ बोला जाये, तब भी वह झूठ ही रहता है, सत्य नहीं हो जाता l इसी तरह एक सत्य को छिपाने के लिए, बार – बार झूठ बोला जाये तब भी सत्य, सत्य ही रहता है, वह कभी झूठ नहीं हो जाता l यह सत्य है…

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    मानव जीवन में अनुशासन का महत्व

    दिनांक 31 दिसंबर 2025 आलेख मानव मानव जीवन में अनुशासन का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्यक्ति के व्यक्तिगत, सामाजिक और पेशेवर जीवन में सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाता है। इसे विस्तार से समझते हैं:1. अनुशासन का अर्थअनुशासन का अर्थ है नियमों, नियमावली और स्व-नियंत्रण का पालन करना। यह व्यक्ति…

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