जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ

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    3. आओ पर्यावण स्वच्छ बनाएं

    जून 2008 मातृवंदनाविश्व  में हमारी दैनिक आवश्यकताएं बहुत हैं। वह इस समय इतनी अधिक बढ़ गई हैं कि उनसे हमें पल-पल सोचने ही के लिए नहीं बल्कि कुछ न कुछ करने के लिए भी बाध्य होना पड़ता है। हम जो भी कार्य करते हैं भले ही के लिए करते हैं परन्तु कभी-कभी यह भलाई के…

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    1. पालीथीन का साम्राज्य

    पर्यावरण चेतना  – 6 अगर विश्व में कहीं प्राकृतिक संकट पैदा होता है तो मनुष्य द्वारा साहस के साथ उसका सामना किया जा सकता है परन्तु मनुष्य ही कोई भयानक संकट पैदा कर ले तो उसका सामना कौन और कैसे करे ? है ना समस्या गंभीर ! खुशनशीब है जम्मू क्षेत्र जो किसी प्राकृतिक आपदा से…

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    2. विलुप्त होंगी विश्व की हजारों भाषाएं!

    मई 2008 मातृवन्दनादैनिक अमर उजाला में प्रकाशित 24 फरवरी 2008 का समाचार। संयुक्त राष्ट्र  ने चेताया – ”विलुप्त होने के कगार पर हैं दुनियां की हजारों भाषाएं। संयुक्त राष्ट्र  ने बर्ष  2008 को अंतरराष्ट्रीय  भाषा  घोषित  किया है। 96 फीसदी भाषाएं केवल चार फीसदी लोगों के द्वारा बोली जाती हैं।“ समाचार के अनुसार – ”अन्तरराष्ट्रीय  मातृभाषा  दिवस मनाने की शुरुआत बर्ष  2000 में हुई…

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    2. चिंगारी

    मई 2008 मातृवंदनारुकेंगे नहीं बिना किए निस्वार्थ कामनिश्चय है अपना करना है निस्वार्थ कामअरमान अपना कर सम्पन्न पांएगे लक्ष्य जो सामने खड़ा उत्पन्नकार्य बना है आज प्रतिदवंदी सामनेजय चाहता है प्रभुत्व अपनेरुकेंगे नहीं बिना किए निस्वार्थ कामनिश्चय है अपना करना है निस्वार्थ कामआगे बढ़ना है हमने साहस के बहानेेमात्र फूल शीश अर्पित करना हम हैं…

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    3. बढ़ते कदम – सर्वोदय की ओर

    दैनिक जागरण 2 अप्रैल 2008 2 मार्च 2008 दैनिक जागरण का प्रकाशित समाचार। ”गिफ्ट  बैन – सरकारी समारोहों मे पाबंदी। 26 फरवरी को जारी पत्र संख्या (जीएडी-ए (ई) 4-1/89-थ्री) के मुताविक मुख्य सचिव की ओर से आदेश  – मुख्यमंत्री के मामले में भी लागू होंगे। प्रदेश में सरकारी कार्य क्रमों में शिरकत करने वाले मुख्य अतिथियों…

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