श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ
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1. फौलादी सीना
दैनिक जागरण 1 जनवरी 2008 श श श सावधान सावधानआ गया तूफान तूफान तूफानश श श सावधान सावधानसमुद्री तूफान थम जाते हैंकिनारा ठोस रामसेतु होने दोआंधी तूफान दिशा बदल लेते हैंहर कदम अडिग हिमालय सा होने दोतूफान जिन्दगी धराशायी हो जाते हैंनेक इरादे इन्सान के होने दो
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1. वर्षा जल संचयन
भूजल न्यूज़ लेटर 2006-2007 की एक-एक बून्द कोभू भीतर पहुँचाना है,भू के जलस्तर कोऊपर लाना है,वर्षा जल संचयन करताभू जल पुनर्भरण,प्राणी जीवन सुरक्षित रहता है,होता है सबका संवर्धन,पेड़, पौधे, झाड़ों को मेड़ पर उगाओ,बहते पानी को अवरोध लगाओ,भूक्षरण को रोको,बसुधा पर स्वर्ग बसाओ,
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2. जाग रे नौजवान
मातृवन्दना दिसम्बर 2007 तज मोह प्राण जाग रे नौजवानवीत रहे दिन आलस्य के सारेकर पूरे काम जो गत जन थे हारेहै आग अंगारे तेरे चार चफेरेहटा दे चाहे जाते हों प्राणतज मोह प्राण जाग रे नौजवानजीतना है तूने आशाओं कोखोना है अपनी निराशाओं कोतूने बढ़ाना है ज्ञानदूर करना है अज्ञानतज मोह प्राण जाग रे नौजवानबनना…
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22. सुहाना मौसम
दैनिक जागरण 18 दिसम्बर 2007सर्दी का मौसम आया है बन कर काली घटा छाया है बर्फ बन कर गिरती फुहार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैरिमझिम पानी बरसने लगा है किसानों का मन हर्षाने लगा है डाली डाली फिर होने लगा श्रृंगार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैमतदान का सुहाना मौसम लगता अब…
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1. जन मानस विरोधी कदम
आलेख – सामाजिक चेतना मातृवन्दना नवंबर 2007 जून 2007 अंक में पृष्ठ संख्या 8 आवरण आलेखानुसार “कुछ वर्ष पूर्व “नासा” द्वारा उपग्रह के माध्यम से प्राप्त चित्रों और सामग्रियों से यह ज्ञात हुआ है कि श्रीलंका और श्रीरामेश्वरम के बीच 48 किलोमीटर लम्बा तथा लगभग 2 किलोमीटर चौड़ा सेतु पानी में डूबा हुआ है और…