जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ

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    1. मैकाले की सोच और भारतीय शिक्षा

    आलेख – शिक्षा दर्पण ज्ञानवार्ता छमाही 2011 हिमाचल की मासिक पत्रिका “मातृवन्दना” अगस्त 2010 में पृष्ठ संख्या 19 पर प्रकाशित आलेख “मैकाले की सोच-1835 ई० में” के अनुसार यह एक वास्तविक लेख है l इसकी प्रति मद्रास हाईकोर्ट के अभिलेखों से प्राप्त हुई है l ब्रिटिश पार्लियामेंट के रिकार्ड में सुरक्षित है l लार्ड मैकाले…

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    4. ठगी का नया दौर !

    मातृवंदना सितंबर 2011 सामाजिक जन चेतना जहाँ भारत को जिस तेजी के साथ विश्व की भावी आर्थिक शक्ति माना जाने लगा है, उससे भी तीव्र गति से देश में सक्रिय कुछ देशी, विदेशी अंतर्राष्ट्रीय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों और उनके एजेंटों की अनैतिक गति विधियों के द्वारा लोगों की जेबों में दिन – दिहाड़े डाका भी…

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    3. मैकाले की सोच और भारतीय शिक्षा – प्रणाली

    जुलाई 2011 मातृवंदनाहिमाचल की मासिक पत्रिका मातृवंदना अगस्त 2010 में पृष्ठ संख्या 19 पर प्रकाशित लेख “मैकाले की सोच-1835 ई0 में” के अनुसार यह एक वास्तविक लेख है। इसकी प्रति मद्रास हाईकोर्ट के अभिलेखों से प्राप्त हुई है। ब्रिटिश पार्लियामेंट के रिकाॅर्ड में सुरक्षित है। लाॅर्ड मैकाले को भारत में तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नर जनरल लाॅर्ड…

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    2. माँ

    जून 2011 मातृवन्दना सिंहनी बलवान सिंह जन्म देकर सदा अभय होकर सोती है गधी दस गधों की माँ होकर भी दुःख पाती, बोझा ढोती है सौ पुत्र थे, गन्धारी- धृतराष्ट्र के, दुःख ही दुःख पाया था पांच थे कुंती के प्यारे पांडव, दुःख में भी सुख पाया था माँ ! तू जनना धर्म परायण,ज्ञाननिष्ठ, कला…

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    1. मेहनत का राज

    मई 2011 मातृवन्दना मेहनत करने वालों को कम बहुत हैं नहीं करने वालों को हैं बहुत बहाने वही कहें आंगन टेढ़ाजो कभी नाचना न जाने मेहनत लग्न से होती है दिल – दिमाग एक करना जो जाने मेहनत करने वालों को कम बहुत हैं नहीं करने वालों को हैं बहुत बहाने जबरन न उनको कम…

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