श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं
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3. भू-जल स्तर में कैसे होगी वृद्धि ?
दिसम्बर 2013 मातृवंदना पर्यावरण चेतना भू-जल स्तर में आ रही निरंतर गिरावट को जल का सदुपयोग करने से रोका जा सकता है l इससे भूजल स्तर की पुनः वृद्धि हो सकती है l इसके लिए हमें आज ही से निरंतर जागरूक रहकर स्वयं कुछ प्रयास करने होंगे l जब भी पानी पीना हो, स्वास्थ्य का…
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2. स्लोगन जल बाईसा
ज्ञान वार्ता छमाही 2013 जल है गुणों की खान, धरती की बढ़ाये शान, जल रहेगा,जीवन बचेगा, भू-जल बढ़ाओ,जीवन बचाओ, जल के संग,जल के रंग,जल है जहाँ, जीवन है वहां, जल, जीवन की आशा, सूखा, निराशा ही निराशा,जल की कहानी,जीवन की कहानी, जहाँ भू-जल सहारा है,वहां जीवन हमारा है, जल से पढ़, पेड़ों से जंगल,सूखे में…
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2. युवा पीढ़ि और उसका दायित्व
अक्तूबर 2013 मातृवन्दना ईश्वर द्वारा रचित प्रकृति में पृथ्वी और उसके चारों ओर ब्रह्माण्ड बड़ा विचित्र है। सूर्य में ताप, चन्द्रमा में चांदनी, वायु में सरसराहट और नदियों में कल-कल मधुर संगीत का मिश्रण इस बात का द्योतक है कि समस्त ब्रह्माण्ड में कोेेई भी अमुक वस्तु किसी न किसी गुण विशेष के लिए अपना महत्व…
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1. जल – धारा से
मातृवन्दना अक्तूबर 2013 थम जा, ऐ जल की धारा ! छोड़ उतावली, बहे जाती है किधर?मुंह उठा, देख तो जरा चैकडैम बन गया है इधर तू बाढ़ का भय दिखाना पीछे पहले गति मंद कर ले अपनी तू भूमि कटाव भी करना पीछेपहले चाल धीमी कर ले अपनी यहाँ रोकना है थोड़ी देररुक सके तो…
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1. भारतीय गुरुकुल परंपरा
12 अक्तूबर 2013 दिव्य हिमाचल प्रकृति में आध्यात्मिक एवं भौतिक ज्ञान-विज्ञान प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कोई जिज्ञासु-पुरुषार्थी विद्यार्थी ही नरेंद्र की तरह उसे जानने, समझने और पाने के लिए कृत संकल्प होता है और अपने सद्गुरु रामकृष्ण परमहंस जी के सान्निध्य और गुरुकुल में रहकर निरंतर प्रयास एवं अभ्यास करके स्वामी विवेकानन्द बनता है।…