जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं

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    1. शोषण पर आधारित विकास सहन नहीं करती प्रकृति

    10 अगस्त 2015 पंजाब केसरी पर्यावरण चेतना  सेवा के नाम पर मानव जहाँ एक ओर समाज का विकास करता है, तो दूसरी ओर जाने-अनजाने में उससे तरह-तरह प्राकृतिक एवं सामाजिक अपराध व शोषण भी हो जाते हैं l देखने, पढ़ने और सुनने में समस्या गंभीर है पर जटिल नहीं l समाज का विकास होना आवश्यक…

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    1. सनातन धर्म एवं संस्कृति 

    अप्रैल मई 2015 मातृवंदनासभी कष्ट दूर हो जाते हैं l कोई समस्या शेष नहीं रहती है l विपदाओं का भी शमन हो जाता है l इसके लिए मनुष्य को सत्सनातन-धर्म का अनुसरण करना पड़ता है l वह धर्म मुख्यतः तीन बातों पर आधारित है – सत्य, सनातन और धर्म l  परम पिता परमात्मा विशाल दिव्य…

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    1. देश हमारा

    मातृवन्दना सितम्बर 2014 जन-जन का देख भाई चारा,विश्व हुआ हैरान हैदवी जुवान से प्रसंशा करता,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम——— वन्दे मातरमतरह तरह के फूल इसके,फूलदान में सब एक हैंसुगंध फैलाते चहुं ओर अपनी,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम————–वन्दे मातरमखेलना इन्हें पसंद तूफानों से,खुदको मिटा देना शान सेआन बान शान बनाए रखना,भारत की पहचान हैवन्दे मातरम———- वन्दे मातरमबुरी…

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    2. राम-राज्य कैसे हो साकार?

    राष्ट्रीय भावना मातृवन्दना मार्च-अप्रैल 2014 प्राचीन काल से ही भारत भूमि ऋषि-मुनियों की तपो भूमि रही है। यह सब उन्हीं के तप का प्रतिफल है कि भारतवर्ष विश्व के मानचित्र पर आर्यवर्त के नाम से सर्व विख्यात हुआ। समय की मांग के अनुसार उसमें वेद, भाष्य, ऋचाएं, रामायण और गीता जैसे अन्य अनेकों धर्म-ग्रंथों की…

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    1. समाज एवं राष्ट्र की सुरक्षा के मानदंड

    जनवरी 2014 मातृवन्दना व्यक्तिगत और पारिवारिक सुरक्षा से बड़ी सामाजिक सुरक्षा है और सामाजिक सुरक्षा से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्र  की सुरक्षा है। अतएव देश  के भविष्य  हेतु हमारे युवाओं को कुछ मानदंड स्थापित करने होंगे जिनके लिए उन्हें निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना होगा1  मानव समाज सदैव वीरों की पूजा करता है, कायरों की नहीं।2 समाज में…

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