जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ

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    विश्वव्यापी सत्सनातन धर्माध्यात्म – संस्कृति

    दिनांक 21 सितम्बर 2025“सत्यार्थ प्रकाश” के अनुसार – # अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र, सृष्टिकर्ता, सचिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी मात्र एक दाता ॐ सबका राम है और सकल संसार उसके आगे भिखारी है l*वैदिक सत्सनातन ज्ञान व धर्म – # सकल संसार में मात्र वैदिक…

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    2. भक्ति, श्रद्धा, प्रेम का पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

    भगवान श्रीकृष्ण लगभग 5000 वर्ष ईश्वी पूर्व इस धरती पर अवतरित हुए थे। उनका जन्म द्वापर युग में हुआ था। द्वापर युग, हिंदू धर्म के चार युगों में से दूसरा युग है। यह युग सत्ययुग के बाद और कलयुग से पहले आता है। द्वापर युग को धर्म, सत्य और सदाचार का युग माना जाता है।…

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    सशक्त न्याय व्यवस्था की आवश्यकता

    दिनांक 29 जुलाई 2025 सत्य, न्याय, नैतिकता, सदाचार, देश, सत्सनातन धर्म, संस्कृति के विरुद्ध मन, कर्म और वचन से की जाने वाली कोई भी चेष्टा अपराध मानी जा सकती है l अपराधों की श्रेणियां – देखा जाये तो विश्व भर में अपराधों की अनेकों श्रेणियां हैं l कोई भी व्यक्ति, कोई भी व्यक्ति संगठन या…

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    1. कर्म आधारित वर्ण व्यवस्था एवं ब्राह्मण समाज

    मातृवन्दना जुन 2025 धर्म और अधर्म – समय सूचक यंत्र की भांति समय वृत्त निरंतर घूम रहा है । परिवर्तन प्रकृति का नियम है । दिन के पश्चात रात और रात के पश्चात दिन का आगमन अवश्य होता है । विश्व में कभी धर्म का राज स्थापित होता है तो कभी अधर्म का । सृष्टि…

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    धमीड़ी किला और बृजराज स्वामी जी

    आलेख – ऐतिहासिक मातृवंदना 2023 मार्च अप्रैल इब्राहीम गजनवी द्वारा ध्वस्त धमीड़ी किले में स्थित प्राचीन मंदिर के अवशेषसन 1088 ई० की शृंखला में गजनवी ने भारत पर एक के पश्चात् एक अनेकों आक्रमण किये थे l उसने अपने आक्रमण, आतंक और लूटपाट के अंतिम अभियान में काँगड़ा मंदिर की तो अनंत संपदा को लुटा…

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