श्रेणी: स्वरचित रचनाएँ
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11. राष्ट्र का नेतृत्व किनके हाथ है ?
कश्मीर टाइम्स 19.9.1996जब कभी समुद्र की विशाल छाती को चीरते हुए अपनी मंजिल की ओर अग्रसित हो रहे किसी बड़े के तल में कोई अचानक छिद्र हो जाता है और उस बड़े के कर्मचारी जाने या अनजाने में उससे अनभिज्ञ रहते हैं या उसकी सुरक्षा हेतु समय रहते कोई उचित ठोस पग नहीं उठा पाते…
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9. मानव इन्द्रियां – स्वाभाविक गुण
कश्मीर टाइम्स 24 अगस्त 1996 मानव शरीर उस सुंदर मकान के समान जिसमें आवश्यकता अनुसार दरवाजे, खिड़कियाँ, अलमारियां, रोशनदान, और नालियां सब कुछ उपलब्ध होता है l उसमें घर की प्रत्येक वस्तु उचित स्थान पर उचित और सुसज्जित ढंग से रखी हुई होती है l मानव शरीर मुख्यतः कान, नाक, आँख, जिह्वा, त्वचा, हाथ, मुंह,…
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8. यह कैसा लोकतंत्र है ?
कश्मीर टाइम्स 10 अगस्त 1996 स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने के पश्चात हमारे प्रिय जन नायकों ने लोकतंत्र – जनता का, जनता द्वारा, जनता के लिए “जनता राज” अथवा लोकतंत्र शासन प्रणाली की पुनर्स्थापना करने का प्रयास किया था l उसी रूप को साकार करने के लिए उन्होंने भारत का संविधान भी बनाया था ताकि उसे…
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7. भारतीय शिक्षा की परंपरा
आलेख – दैनिक कश्मीर टाइम्स 9.8.1996 जिस प्रकार निवार से किसी लकड़ी की चारपाई को कलात्मक ढंग से बुनकर तैयार किया जाता है ठीक उसी प्रकार किसी देश का मानचित्र उसके अनुकूल उपयोगी शिक्षा पर निर्भर करता है l इस काम में अभिभावक, शिक्षक, राजनीतिज्ञ और प्रशासकों के आपसी प्रेम, सहयोग त्याग और बलिदान की…
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6. लार्ड मैकाले और भारतीय शिक्षा
कश्मीर टाइम्स 4.8.1996इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि भारतीय परंपरागत जन उपयोगी शिक्षा-प्रणाली ने विश्व की विशाल धरती पर मानव समाज, स्थानीय भाषा, विद्या, कला, ज्ञान-विज्ञान, सभ्यता-संस्कृति और साहित्य सृजन, पोषण और उसका विकास किया l उसके सामने आई समस्या व्यक्तिगत विकास की रही हो या समाजिक. आर्थिक हो या राजनैतिक, सभ्यता, कला–सांस्कृतिक हो…