जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: अपनी कवितायेँ

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    6. मेहनत का राज

    12 अप्रेल 2009 कश्मीर टाइम्समेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,बही कहें आँगन टेढा,जो कभी नाचना न जाने,मेहनत लगन से होती है,दिल-दिमाग एक करना जो जाने,मेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,जबरन उनको काम पर न लगाना,ध्यान जिन्होंने काम पर नहीं लगाना,लगन से…

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    5. ललकार

    1 मार्च 2009 कश्मीर टाइम्सलक्ष्य जीतना है, एकाग्रता से,चाहे हमारा सर्वस्व लुट जाए,भिड़ना है हमने अज्ञान सेचाहे शीश हमारा कट जाए,संघर्ष जो है करता,उल्लास वो है पाता,आलस्य जो है करता,हर क्षण वो है पछताता,यह समय आलस्य करने का है नहीं,समय संघर्ष करने का है यही,अब हमने करने हैं शोषण,अत्याचार सहन नहीं,समय है लोहा लेने का…

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    4. स्वदेश के प्रति

    22 फरवरी 2009 कश्मीर टाइम्सन्याय प्रेमी, शांति के पुजारी प्यारे देश,हिम-किरीट स्वामी, जग से न्यारे देश,खड़ा अज्ञानी सीमा पर, कर रहा तन छारछार है,समझने पर टलता नहीं, कर रहा वार पर वार है,मार्ग दिखा कोई, राह पर लाना है उसेया मशाल लगा ध्वस्त करना है उसे?आदेश दे कोई, हम मिटाएँ तेरे घावों का क्लेश,न्याय प्रेमी,…

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    3. हमारी मांग

    15 फ़रवरी 2009 कश्मीर टाइम्सअनुशासित जीवन यापन जो करे,पार्टी टिकट उसी को मिले,किसी की मनमानी यहां चले नहीं,बयार, विपरीत दिशा कहीं बहे नहीं,सर्वहितकारी निर्णय निष्पक्ष जो करे,पार्टी टिकट उसी को मिले,खा-पीकर गलिकूचों में जो हो मतवाला,वहां उसका मुहं अवश्य हो काला,जीवन सम्पन्न हो जिसका सद्गुणों काऔर ध्यान निस्वार्थ सेवा में जो धरे,पार्टी टिकट उसी को…

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    2. जीवन नाटक

    25 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्सगूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,थोथा नहीं, अन्तरतम में वास करती, कुटिलाई का पवित्रता नाश,हम नहीं नायक, समय हमारा, पल-पल बीत रहा जीवन सारा,गूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,आज तक क्या कर लिया, आगे क्या कर लोगे?अब तक झगड़ लिया, आगे लड़कर क्या…

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