जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: अपनी कवितायेँ

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    15. प्रदूषण का उद्गम

    कश्मीर टाइम्स 4 अक्तूबर 2009 मकान, अस्पताल से बाहर आता प्रदूषण है,इंडस्ट्रीज, फैक्ट्रीज से बाहर आता प्रदूषण है,दुकान, गोदाम से बाहर आता प्रदूषण है,पशुशाला, बूचड़खानों से बाहर आता प्रदूषण है,डालते हैं कहां? हम उस प्रदूषण को,फैंकते है हम कहां? उस प्रदूषण को,क्या हम जलधारा में बहा देते हैं प्रदूषण?या सीमा से बाहर फैंक देते हैं…

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    2. विषधर जानो

    सितम्बर 2009 मातृवंदनासमझ सके, समझ ले भाई!चापलूस सांप दोनों हैं सगे भाई,चापलूस चापलूसी करता है,जहर सांप उगला करता है,चापलूस नहीं साथी किसी का,मतलब निकाला करता है,दूध पिलाओ चाहे जितनासांप डंक मारा करता है,बात जान ले, सारा यह जहान!चापलूस और सांप दोनों एक समान,

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    1. पन्द्रह अगस्त

    अगस्त 2009 मातृवंदनाआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैजीने का अधिकार सबने पाया हैरिश्वत किसी से नहीं लेनी थी इसनेघूस किसी को नहीं देनी थी उसनेतूने कमिशन खाने का अधिकार किससे पाया हैआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैयहांवहां गबनों का दौर चल रहा हैआए दिन घेटालों का पिटारा खुल रहा हैपलपल माल चोरी का…

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    14. क्या तुम ———-?

    कश्मीर टाइम्स 23 अगस्त 2009 जब निजहित तुम्हारा होगा देशहित से ऊँचा,और निज सुख तुम्हें दिखने लगेगा महान,तब क्यों कोई देशहित की बात करेगा?क्यों देशहित में कोई करेगा काम?जब देश नहीं रहेगा समृद्धि-सुरक्षा का अधिकारी,तब तुम क्या कर लोगे? निजहित में,जगह-जगह बनें हो नन्द भाई, भ्रष्टाचारी,क्यों धंसे हो? तुम भोग विलासी दलदल में,क्या जागेगा फिर…

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    13. मुफ्त प्रदूषण

    2 अगस्त 2009 कश्मीर टाइम्स कंकरीट, पत्थरों के इस शहर में,मानव ही प्रदूषण फैलाता है,जगह-जगह ढेर लगाता है गंदगी के,पास से नहीं निकला जाता है,कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंपॉलिथीन लिफाफे, प्लास्टिक सामान बनाती हैं फैक्ट्रियां,बांधकर गांठे शहर-शहर पहुंचाती हैं फैक्ट्रियां,शहरी प्रदुषण फैले तो फैले, उन्हें क्या?कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंअच्छा होता, अगर इनका…

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