श्रेणी: हमारा गाँव-हमारा समाज
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श्रेणी: वैश्य – धर्मवीर
वैश्य – धर्मवीर
– # वैश्य वर्ण मानव समाज में आर्थिक सुख – समृद्धि लाता है ।*- # जो व्यक्ति सत्य, धर्म, न्याय और नीति के हित में अपनी कमाई का कुछ अंश दान करता है, वैश्य कहलाता है ।*- # वैश्य वह कलाकार है जो अपनी कला से मिट्टी को भी सोने में बदल सकता है ।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
वर्ण की उत्पत्ति
# बालक का जन्म परिवार में होता है लेकिन किसी वर्ण ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य या शूद्र की उत्पत्ति उसके गुण संस्कार और स्वभावानुसार गुरुकुल में ही होती है।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
वर्ण व्यवस्था का आधार
# वर्ण व्यवस्था गुण, संस्कार, स्वभाव आधारित है न कि जन्म आधारित।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
ब्राह्मण का बेटा
# वर्ण व्यवस्था में ब्राह्मण का बेटा अपने गुण, संस्कार, स्वभाव अनुसार क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र का भी कार्य कर सकता है।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
क्षत्रिय का बेटा
# वर्ण व्यवस्था में क्षत्रिय का बेटा अपने गुण, संस्कार, स्वभाव अनुसार ब्राह्मण, वैश्य और शूद्र का भी कार्य कर सकता है।*