श्रेणी: हमारा गाँव-हमारा समाज
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श्रेणी: प्राकृतिक जल – स्रोत
भू-जल
भू-जल रक्षण भू -जल आज सुरक्षित है तो हमारा जीवन भी सुरक्षित है l अगर सुरक्षित भू -जल से हम आज हैं तो इसी सहारे कल भी रह सकते हैं l
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श्रेणी: शूद्र-कर्मवीर
शूद्र-कर्मवीर
– # शूद्र वह कलाकार है जो अपनी हस्त कला से मिट्टी, पत्थर, लकड़ी को भी साक्षात चित्र/मूर्ती, वस्तु, भवन, सेतु में बदल सकता है।*- # जो व्यक्ति सत्य, धर्म, न्याय और नीति के हित में अपनी कला – विद्या का सृजन, पोषण, वर्धन करता है, शूद्र कहलाता है।*- # शूद्र वर्ण संपूर्ण मानव समाज…
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व्यवस्था
# जिस व्यवस्था में असत्य, अधर्म, अन्याय और अनीति का बोलबाला हो उसे बदल देने में ही जन, समाज और राष्ट्र का हित है।*