जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: हमारा गाँव-हमारा समाज

  • श्रेणी:

    शिक्षा

    – गुरु – शिष्य के जिस संयुक्त प्रयास से शिष्य के जीवन का चहुँमुखी अर्थात शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का विकास होता है , शिक्षा कहलाती है l- # हर मंदिर, मठ में वेदाचार्य की नियुक्ति करनी चाहिए जो स्थानीय बालक/बालिकाओं को वैदिक विद्याओं का शिक्षण – प्रशिक्षण दे सकें l*

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  • श्रेणी:

    भू-जल

    भू-जल रक्षण भू -जल आज सुरक्षित है तो हमारा जीवन भी सुरक्षित है l अगर सुरक्षित भू -जल से हम आज हैं तो इसी सहारे कल भी रह सकते हैं l

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  • श्रेणी:

    सुरक्षा – कवच

    # क्षत्रिय वर्ण सकल प्राणी जगत का रक्षा – सुरक्षा कवच होता है।*

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  • श्रेणी:

    शूद्र-कर्मवीर

    – # शूद्र वह कलाकार है जो अपनी हस्त कला से मिट्टी, पत्थर, लकड़ी को भी साक्षात चित्र/मूर्ती, वस्तु, भवन, सेतु में बदल सकता है।*- # जो व्यक्ति सत्य, धर्म, न्याय और नीति के हित में अपनी कला – विद्या का सृजन, पोषण, वर्धन करता है, शूद्र कहलाता है।*- # शूद्र वर्ण संपूर्ण मानव समाज…

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  • श्रेणी:

    व्यवस्था

    # जिस व्यवस्था में  असत्य, अधर्म, अन्याय और अनीति का बोलबाला हो उसे बदल देने में ही जन, समाज और राष्ट्र का हित है।*

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