जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था

  • श्रेणी:

    परम्परागत गुरुकुल शिक्षा

    – # परिवार में बच्चों को संस्कार मिलते हैं। गुरुकुल में उनका पोषण और संवर्धन होता है ।*- # संस्कार विहीन शिक्षा समाज के लिए अभिशाप है।*- आत्मानुशासन की शिक्षा परम्परागत गुरुकुल से ही मिल सकती है – माता-पिता के सानिध्य में पहला गुरुकुल घर है और दूसरा गुरु-आचार्य के सानिध्य में उनका गुरुकुल l…

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  • श्रेणी:

    विद्यार्थी

    # आत्म विश्वास से युक्त पात्र ही गुरु से कुछ सीख सकता है l*

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  • श्रेणी:

    गुरु – आचार्य

    – # विद्यार्थी को तराशकर एक योग्य ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र कोई बना सकता है तो वह गुरु ही हो सकता है l* – दूषित राजनीति से छुटकारा दिलाने हेतु चाणक्य जैसे आचार्यों को, चन्द्र गुप्त मौर्य जैसे विद्यार्थियों के साथ, आगे अवश्य आना पड़ता है l – जब जब चाणक्य जैसा कोई आचार्य…

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  • श्रेणी:

    विद्याओं में पारंगता

    # अगर हम जीवन चुनौतियों का सामना करने में शास्त्र – शस्त्र विद्याओं में पारंगत नहीं हुए तो एक दिन विधर्मियों द्वारा बांस की भांति छिल दिए जायेंगे l*

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  • श्रेणी:

    सुरक्षा – कवच

    # क्षत्रिय वर्ण सकल प्राणी जगत का रक्षा – सुरक्षा कवच होता है।*

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