श्रेणी: मातृवंदना शिमला
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2. विलुप्त होंगी विश्व की हजारों भाषाएं!
मई 2008 मातृवन्दनादैनिक अमर उजाला में प्रकाशित 24 फरवरी 2008 का समाचार। संयुक्त राष्ट्र ने चेताया – ”विलुप्त होने के कगार पर हैं दुनियां की हजारों भाषाएं। संयुक्त राष्ट्र ने बर्ष 2008 को अंतरराष्ट्रीय भाषा घोषित किया है। 96 फीसदी भाषाएं केवल चार फीसदी लोगों के द्वारा बोली जाती हैं।“ समाचार के अनुसार – ”अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की शुरुआत बर्ष 2000 में हुई…
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2. चिंगारी
मई 2008 मातृवंदनारुकेंगे नहीं बिना किए निस्वार्थ कामनिश्चय है अपना करना है निस्वार्थ कामअरमान अपना कर सम्पन्न पांएगे लक्ष्य जो सामने खड़ा उत्पन्नकार्य बना है आज प्रतिदवंदी सामनेजय चाहता है प्रभुत्व अपनेरुकेंगे नहीं बिना किए निस्वार्थ कामनिश्चय है अपना करना है निस्वार्थ कामआगे बढ़ना है हमने साहस के बहानेेमात्र फूल शीश अर्पित करना हम हैं…
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1. अभिलाषा
फरवरी 2008 मातृवंदनासेवा करना धर्म हमारा, सेवा करते जाएंगे,दुःख-सुःख हैं हमारे साथी, हंस-हंस सहते जाएंगे,हम संघर्ष करने वाले, रहते नहीं कभी संकल्पहीन,बनाएंगे माँ तुझको हम जग में, अद्वितीय ओजस्विन,तेरा पुनः हो आकर्षण असीम प्रतीक,गए वापिस आएंगे, समझ निज प्यारा नीड़ मणिक,हम सब मिलकर गीत खुशी के गाएंगे,सेवा करना धर्म हमारा, सेवा करते जाएंगे,धरती माँ हमारी,…
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2. जाग रे नौजवान
मातृवन्दना दिसम्बर 2007 तज मोह प्राण जाग रे नौजवानवीत रहे दिन आलस्य के सारेकर पूरे काम जो गत जन थे हारेहै आग अंगारे तेरे चार चफेरेहटा दे चाहे जाते हों प्राणतज मोह प्राण जाग रे नौजवानजीतना है तूने आशाओं कोखोना है अपनी निराशाओं कोतूने बढ़ाना है ज्ञानदूर करना है अज्ञानतज मोह प्राण जाग रे नौजवानबनना…
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1. जन मानस विरोधी कदम
आलेख – सामाजिक चेतना मातृवन्दना नवंबर 2007 जून 2007 अंक में पृष्ठ संख्या 8 आवरण आलेखानुसार “कुछ वर्ष पूर्व “नासा” द्वारा उपग्रह के माध्यम से प्राप्त चित्रों और सामग्रियों से यह ज्ञात हुआ है कि श्रीलंका और श्रीरामेश्वरम के बीच 48 किलोमीटर लम्बा तथा लगभग 2 किलोमीटर चौड़ा सेतु पानी में डूबा हुआ है और…