श्रेणी: अपनी कवितायेँ
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1. मेहनत का राज
मई 2011 मातृवन्दना मेहनत करने वालों को कम बहुत हैं नहीं करने वालों को हैं बहुत बहाने वही कहें आंगन टेढ़ाजो कभी नाचना न जाने मेहनत लग्न से होती है दिल – दिमाग एक करना जो जाने मेहनत करने वालों को कम बहुत हैं नहीं करने वालों को हैं बहुत बहाने जबरन न उनको कम…
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3. भारत माँ
मातृवन्दना नवम्बर 2010 तू धरती, हमारी माता, गुण तेरे सारा जग गाता, करते हैं हम तुझे प्रणाम, भारत माँ ————-भारत माँ,सागसब्जी, तू तिलहन उपजाती, अनाज, कंदमूल हमें खिलाती, तू माँ, हम तेरी संतान, भारत माँ ————-भारत माँतुझे दुःख हमसे मिलते, युग बीत गए पीड़ा सहते, तू देती नहीं ध्यान, भारत माँ ——–भारत माँपूत कपूत हो…
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4. वेद महिमा
कश्मीर टाइम्स 3 अक्तूबर 2010 वेद भारती संस्कृति, वेद भारती समृद्धि, सत्यमेव जयते——-सत्यमेव जयतेवेद भारती आयना, वेद भारती आत्मा, सत्यमेव जयते——-सत्यमेव जयतेवेद भारती ज्ञान, वेद भारती विज्ञान, सत्यमेव——-सत्यमेववेद आर्य कर्म, वेद आर्य धर्म, सत्यमेव जयते——-सत्यमेव जयतेवेद मान भारती, वेद प्राण भारती, सत्यमेव जयते——-सत्यमेव जयतेवेद भू भारती, आर्य भू भारती, सत्यमेव जयते——-सत्यमेव जयतेवेद भाग्य विधाता, वेद…
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2. हिंदी भाषा संकल्प
मातृवन्दना सितम्बर 2010 हिंदी हो, हिन्द की भाषा, हिंदी से हिन्द की पहचान हो, हम सब बोलें भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा होघर हो या दफ्तर, गली चाहे कोई दुकान हो, निःसंकोच हम बोलें भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा होबात हो पत्र लिखने की या विज्ञापन प्रकाशन हो, लिखें हम भाषा हिंदी, यही संकल्प हमारा…
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1. स्वाधीन भारत में
ज्ञान वार्ता छमाही 2010 पराधीन देश में, वो घड़ी लगती अच्छी थी स्थान-स्थान पर तिरंगा फहराने को लगाना जान की बाजी, लगती अच्छी थी आज गीत वन्दे मातरम् गाने कोराष्ट्रीय गान का, अपमान हो रहा क्यों ?हमारे स्वाधीन भारत में ! आतंकी संसद पर हमला हैं करते हम आर-पार की लड़ाई करने की हैं सोचा…