जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



नवीन लेख

विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।

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    3. प्रभा प्रभात

    29 फरवरी 2008 दैनिक जागरणपशु धन से हो श्रृंगार घरघर कापौष्टिकता से लहलहाएं सब खेत देश केदूध दही घी से बलवान बने हर बच्चा घरघर कातेजस्वी कहलाएं नौजवान देश केघरघर पहुंचे फिर ऐसी शिक्षामांगे न कोई किसी से भिक्षाहर हाथ रोजगाार दिलाए शिक्षाबयार तो कोई लाल लाए शिक्षाखुद समझे जो औरों को समझाएसत्यअसत्य में भेद…

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    2. हम वही हैं जो

    19 फरवरी 2008 दैनिक जागरणजो थे पहले हम कभी हैं आजऔर रहेंगे कल भीहमनें फिर दुनियां का संशय मिटाना हैलौह पुरुष बन दिखाना हैगर भारत की ओर कोई अंगुली उठेउसे तुरन्त काट गिराना हैहमनें फिर दुनियां का संशय मिटाना हैजो थे पहले हम कभी हैं आजऔर रहेंगे कल भीकर्मशील रह कर हम निर्धनता मिटाने वालेसंस्कारवान…

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    1. भारत-श्रीलंका संबंध

    30 जनवरी 2008 दैनिक जागरण26 दिसम्बर 2007 के दिन दैनिक जागरण में प्रकाशित ”रामायण में वर्णित स्थलों को विकसित करेगी श्रीलंका सरकार – दुनियां को रामायण की लंका का न्योता“ एक सुखद समाचार है। इस समाचार के अनुसार – ”श्रीलंका सरकार रामायण में आए लंका प्रकरण से जुड़े तमाम स्थलों को प्रयटन केंद्र के रूप…

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    1. फौलादी सीना

    दैनिक जागरण 1 जनवरी 2008 श श श सावधान सावधानआ गया तूफान तूफान तूफानश श श सावधान सावधानसमुद्री तूफान थम जाते हैंकिनारा ठोस रामसेतु होने दोआंधी तूफान दिशा बदल लेते हैंहर कदम अडिग हिमालय सा होने दोतूफान जिन्दगी धराशायी हो जाते हैंनेक इरादे इन्सान के होने दो

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    1. वर्षा जल संचयन

    भूजल न्यूज़ लेटर 2006-2007 की एक-एक बून्द कोभू भीतर पहुँचाना है,भू के जलस्तर कोऊपर लाना है,वर्षा जल संचयन करताभू जल पुनर्भरण,प्राणी जीवन सुरक्षित रहता है,होता है सबका संवर्धन,पेड़, पौधे, झाड़ों को मेड़ पर उगाओ,बहते पानी को अवरोध लगाओ,भूक्षरण को रोको,बसुधा पर स्वर्ग बसाओ,

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    2. जाग रे नौजवान

    मातृवन्दना दिसम्बर 2007 तज मोह प्राण जाग रे नौजवानवीत रहे दिन आलस्य के सारेकर पूरे काम जो गत जन थे हारेहै आग अंगारे तेरे चार चफेरेहटा दे चाहे जाते हों प्राणतज मोह प्राण जाग रे नौजवानजीतना है तूने आशाओं कोखोना है अपनी निराशाओं कोतूने बढ़ाना है ज्ञानदूर करना है अज्ञानतज मोह प्राण जाग रे नौजवानबनना…

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    22. सुहाना मौसम

    दैनिक जागरण 18 दिसम्बर 2007सर्दी का मौसम आया है बन कर काली घटा छाया है बर्फ बन कर गिरती फुहार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैरिमझिम पानी बरसने लगा है किसानों का मन हर्षाने लगा है डाली डाली फिर होने लगा श्रृंगार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैमतदान का सुहाना मौसम लगता अब…

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    1. जन मानस विरोधी कदम

    आलेख – सामाजिक चेतना मातृवन्दना नवंबर 2007 जून 2007 अंक में पृष्ठ संख्या 8 आवरण आलेखानुसार “कुछ वर्ष पूर्व “नासा” द्वारा उपग्रह के माध्यम से प्राप्त चित्रों और सामग्रियों से यह ज्ञात हुआ है कि श्रीलंका और श्रीरामेश्वरम के बीच 48 किलोमीटर लम्बा तथा लगभग 2 किलोमीटर चौड़ा सेतु पानी में डूबा हुआ है और…

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    10. विद्यार्थी जीवन निर्माण

    20 नवम्बर 2007 दैनिक जागरणमानों तो मानव जीवन का निर्माण किसी भवन का निर्माण करने से कोई कम नहीं है। भवन का निर्माण कार्य किसी निश्चित अवधि तक तो समाप्त हो जाता है पर जीवन निर्माण का कार्य बिन रोके लम्बे समय तक चलाए रखने की अपेक्षा बनी रहती है। इसका वर्णन किसी सफल साधक…

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    21. वोट हमारा

    दैनिक जागरण 16 नवम्बर 2007 कदम से कदम मिलाकर जो चलेगा,वोट तो हमारा, उसी को मिलेगा,पीछे हमसे अब कोई रहेगा नहीं,अकेला वो कष्ट सहेगा नहीं,अपने साथ, सबको लेकर जो चलेगा,वोट तो हमारा, उसी को मिलेगा,मन में कोई मैल आए न,मन की बात, मन में छुपाए न,विश्वास मत, दोबारा प्राप्त जो करेगा,वोट तो हमारा, उसी को…

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