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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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स्वामी विवेकानंद
– “उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।”- “किसी की निंदा न करें, अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढ़ाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये।” – “जिस प्रकार…
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आर्य समाज – सशक्त समाज
दिनांक 19.11.2024 # हम सब आर्य पुत्र/पुत्रियाँ हैं, हमें अपने देश भारत पर गर्व है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – गांवों का देश, हमारी कर्म भूमि है…
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वैदिक भाषा
# देशभर में वैदिक “संस्कृत भाषा” को उचित सम्मान मिलना चाहिए, “संस्कृत भाषा की कहीं भी अनदेखी” न हो।*
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मंदिर
# मंदिर आएं तो भक्त बनकर आएं, पर्यटक बनकर नहीं। मंदिर आस्था केंद्र, पूजा स्थल हैं, कोई पर्यटक स्थल नहीं।*
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शूद्र-कर्मवीर
– # शूद्र वह कलाकार है जो अपनी हस्त कला से मिट्टी, पत्थर, लकड़ी को भी साक्षात चित्र/मूर्ती, वस्तु, भवन, सेतु में बदल सकता है।*- # जो व्यक्ति सत्य, धर्म, न्याय और नीति के हित में अपनी कला – विद्या का सृजन, पोषण, वर्धन करता है, शूद्र कहलाता है।*- # शूद्र वर्ण संपूर्ण मानव समाज…
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मतदान
# वोट उसी को देना चाहिए जो देश सनातन – धर्म, संस्कृति के हित में हो।*# पहले मतदान, फिर जलपान।*
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सनातन धर्म
# सनातन विरोधी गुट का त्याग करने वाले महानुभावों का हार्दिक अभिनंदन, हमारे लिए सनातन से बढ़कर अन्य कुछ भी नहीं ।*