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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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4. बोलने की अपेक्षा
प्रकाशित 8 फरवरी 2009 कश्मीर टाइम्स धर्म की जय हो l अधर्म का नाश हो l प्राणियों में सद्भावना हो l विश्व का कल्याण हो l गौमाता की जय हो l यह उपदेश देश के गाँव-गाँव व शहर-शहर के मन्दिरों में सुबह – शाम सुनाई देते हैं l यहाँ यह बात ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है…
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3. भूतपूर्व सैनिकों के बुलंद हौंसले
1 फरवरी 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्सअभी कुछ समय पूर्व इंगलिश व हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार भूतपूर्व सैनिकों की आगामी लोकसभा के लिए कांगड़ा क्षेत्र से चुनाव में उतरने की तैयारी से उनके हौंसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं जो सैनिक सेवा निवृत्ति के पश्चात भी कम नहीं हुए हैं बल्कि और अधिक बढ़े हैं। उनके द्वारा…
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2. जीवन नाटक
25 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्सगूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,थोथा नहीं, अन्तरतम में वास करती, कुटिलाई का पवित्रता नाश,हम नहीं नायक, समय हमारा, पल-पल बीत रहा जीवन सारा,गूंज रही नभ में तान, क्षणिक जीवन नाटक सकल जहान,आज तक क्या कर लिया, आगे क्या कर लोगे?अब तक झगड़ लिया, आगे लड़कर क्या…
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1. न्याय
18 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्सहोगा फिर न्याय, बस न्याय होगानहीं तो और कुछ न होगा,मांगनी नहीं स्वत्वों की भिक्षा,मिली है हृदय जन्य की शिक्षा,करना है मानवधर्म का सृजन,सुलझेगा पेचीदा सदियों का प्रश्न,होगी खुशहाली, बस न्याय होगा,नहीं तो और कुछ न होगा,खून शेर दौड़ता है निज शिराओं में,होते गीदड़ न बसते शहरों में,बपुरा चिरकाल फंसा विपत्ति,तड़पता…
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2. विलुप्त होंगी राष्ट्रीय श्वेत धाराएँ
11 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्स सामाजिक जन चेतना -14 “अब आसान नहीं होगा पशुओं को आवारा छोड़ना l विभाग ने बनाई योजना l पंचायतों के निमायंदों को किया जा रहा जागरुक l” जी हाँ, यही है दैनिक पंजाब केसरी में दैनिक दिनांक 14 जून 2008 का प्रकाशित समाचार l स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् भारतीय इतिहास में…
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4 विषधर
कश्मीर टाइम्स 21 दिसम्बर 2008 समझ सके, समझ ले भाई चापलूस, सांप दोनों हैं सगे भाई चापलूस चापलूसी करता है जहर सांप उगला करता है चपलूस नहीं साथी किसी का मतलब निकाला करता है दूध पिलाओ चाहे जितना सांप डंक मारा करता है बात जान ले सारा यह जहानचापलूस, सांप दोनों एक समान
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10. हम वही हैं जो
14 दिसंबर 2008 कश्मीर टाइम्स सामाजिक बुराइयाँ व जन जागरण – 17 हिमाचल की दैनिक पंजाब केसरी 2 फरवरी 2008 में प्रकाशित समाचार लार्ड मैकाले ने कहा था – “भाजपा नेता केदारनाथ सहनी को अमरिका में बसे अडप्पा प्रसाद से मिला पत्र – उन्होंने लार्ड मैकाले द्वारा 1835 में ब्रिटिश संसद में दिए गये वक्तव्य…
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9. समय की मांग
30 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह भी एक समय था जब देश में हर नौजवान किसी न किसी हस्त-कला एवं रोजगार से जुड़ा हुआ था। चारों ओर सुख-समृद्धि थी। देश में कृषि योग्य भूमि की कहीं कमी नहीं थी। पर ज्यों-ज्यों देश की जन संख्या बढ़ती गई त्यों-त्यों उसकी उपजाऊ धरती और पीने के पानी में…
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8. राष्ट्रीय समर्थ भाषा
23 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह समाज और राष्ट्र गूंगा है जिसकी न तो कोई अपनी भाषा है और न लिपि। अगर भाषा आत्मा है तो यह कहना आतिशयोक्ति नहीं होगी कि भाषा से किसी व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र की अभिव्यक्ति होती हैं।विश्व में व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का भौतिक विकास और आध्यात्मिक उन्नति…
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7. ज्ञान चालीसा
आलेख – कश्मीर टाइम्स 16.11.2008 योग्य गुरु एवंम योग्य विद्यार्थी के संयुक्त प्रयास से प्राप्त विद्या से विद्यार्थी का हृदय और मस्तिष्क प्रकाशित होता है l अगर विद्या प्राप्ति हेतु प्रयत्नशील द्वारा बार-बार प्रयत्न करने पर भी असफलता मिले तो उसे कभी जल्दी हार नहीं मान लेनी चाहिए बल्कि ज्ञान संचयन हेतु पूर्ण लगनता के…