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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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12. नहर
21 जून 2009 कश्मीर टाइम्सअवश्य ही होगा,सफल लक्ष्य हमारा,कोना-कोना खेत का,सींचेगी निर्मल जलधारा,गांव-गांव पहुंचेगी नहर,सूखे का होगा अंत,नहीं रहेगा कोई प्यासा,घर-घर होगा बसंत,
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11. संकल्प
21 जून 2009 कश्मीर टाइम्स वह देखो! उधर सूखा है चहुं ओर,कैसी वीरानगी, उदासी छाई है?वहां हड्डी है, कोयला भी, मगरछाया कहीं नजर नहीं आई है,कार्य हमने अब कुछ ऐसा है करना,सूखे की ओर रुख नदी का है करना,मरु में लानी है हमनें हरित क्रांति,व्यर्थ बहते जल से, सूखे में हरित क्रांति,
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10. भूजल पुनर्भरण
14 जून 2009 कश्मीर टाइम्सभूजल पुनर्भरण होगा आजसुव्यवस्थित जलसंसाधन का,यहां-वहां पर करेंगे हमपुनर्जागरण जन-जन का,अनावश्यक जल को बांधकरसबका करेंगे उपकार,भूजल स्तर बढ़ता है इससे,संम्पन्न होता है संसार,सुखी धरती करती है पुकार,संचित भूजल सबका करता है उद्धार,
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8. हमारी जिम्मेदारी
24 मई 2009 कश्मीर टाइम्सकुछ ऐसी वस्तुओं का हमनें प्रयोग शुरू है करना,दूसरी बार जिनका प्रयोग हो न सके,प्लास्टिक, पॉलीथिन का प्रयोग बंद है करना,जिन वस्तुओं से पर्यावरण प्रदूषण रुक न सके,हटाना है हमने प्लास्टिक, पॉलीथिन वस्तुओं को,पर्यावरण प्रदूषण, फैलता है जिन वस्तुओं से,अपनाना है, हमनें फिर से उन वस्तुओं को,पर्यावरण प्रदूषण न फैले, जिन…
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7. शिक्षा —–
3 मई 2009 कश्मीर टाइम्सकार्य प्रयास करें जो सबका भला,सबके काम आएं जो विधि-विधान,संस्कारों का आचरण सदा यथार्थ हो,कार्य-व्यवहार करें जीवनोपयोगिता बयान,ज्ञान बढ़े और हो जिससे आत्मरक्षा,स्वास्थ्य वर्धन करे और रहे सामाजिक सुरक्षा,देगा कौन? हमें ऐसी शिक्षा,मिलेगी कहां? हमें ऐसी शिक्षा,
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5. दिल प्रीतम का घर है
19 अप्रैल 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्समहात्मा गांधी जी का कथन है कि जिस तरह हमें अपना शरीर कायम रखने के लिए भोजन जरूरी है, आत्मा की भलाई के लिए प्रार्थना कहीं उससे भी ज्यादा जरूरी है। प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं वरन हृदय से होता है। इसलिए गूंगे , तुतले और मूढ़ भी प्रार्थना कर…
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6. मेहनत का राज
12 अप्रेल 2009 कश्मीर टाइम्समेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,बही कहें आँगन टेढा,जो कभी नाचना न जाने,मेहनत लगन से होती है,दिल-दिमाग एक करना जो जाने,मेहनत करने वालों को काम बहुत हैं,नहीं करने वालों को बहुत हैं बहाने,जबरन उनको काम पर न लगाना,ध्यान जिन्होंने काम पर नहीं लगाना,लगन से…
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5. ललकार
1 मार्च 2009 कश्मीर टाइम्सलक्ष्य जीतना है, एकाग्रता से,चाहे हमारा सर्वस्व लुट जाए,भिड़ना है हमने अज्ञान सेचाहे शीश हमारा कट जाए,संघर्ष जो है करता,उल्लास वो है पाता,आलस्य जो है करता,हर क्षण वो है पछताता,यह समय आलस्य करने का है नहीं,समय संघर्ष करने का है यही,अब हमने करने हैं शोषण,अत्याचार सहन नहीं,समय है लोहा लेने का…
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4. स्वदेश के प्रति
22 फरवरी 2009 कश्मीर टाइम्सन्याय प्रेमी, शांति के पुजारी प्यारे देश,हिम-किरीट स्वामी, जग से न्यारे देश,खड़ा अज्ञानी सीमा पर, कर रहा तन छारछार है,समझने पर टलता नहीं, कर रहा वार पर वार है,मार्ग दिखा कोई, राह पर लाना है उसेया मशाल लगा ध्वस्त करना है उसे?आदेश दे कोई, हम मिटाएँ तेरे घावों का क्लेश,न्याय प्रेमी,…
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3. हमारी मांग
15 फ़रवरी 2009 कश्मीर टाइम्सअनुशासित जीवन यापन जो करे,पार्टी टिकट उसी को मिले,किसी की मनमानी यहां चले नहीं,बयार, विपरीत दिशा कहीं बहे नहीं,सर्वहितकारी निर्णय निष्पक्ष जो करे,पार्टी टिकट उसी को मिले,खा-पीकर गलिकूचों में जो हो मतवाला,वहां उसका मुहं अवश्य हो काला,जीवन सम्पन्न हो जिसका सद्गुणों काऔर ध्यान निस्वार्थ सेवा में जो धरे,पार्टी टिकट उसी को…