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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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शिक्षा से विश्व का चहुंमुखी विकास
शिक्षा मानव जीवन का आधार है। यह एकमात्र अध्ययन-लिखना शिक्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के ज्ञान, विचार, चरित्र और व्यक्तित्व का विकास करने वाली शक्ति है। किसी भी देश और विश्व की प्रगति का मुख्य आधार शिक्षा ही है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव है।सबसे पहले,…
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17. मेहनती
कश्मीर टाइम्स 15 नवंबर 2009 पहाड़ों को समतल करने वाले,बाधाओं से कब डरते हैं?खुद करते है हाथ, कार्य करने वाले,निर्धनता, बेरोजगारी दूर करते हैंमेहनती हाथों से कार्य करने वाले,जिंदगी में मौत से कहां डरते है?मन से राम नाम जपते हैं,ईश्वर का साक्षात्कार करते हैं
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16. क्या भारत ?
कश्मीर टाइम्स 1 नवम्बर 2009 विदेशों में कालाधन पहुंचाने से,चंद सिक्कों में स्वयं बिक जाने से,सस्ते में राष्ट्रीय सुख-शांति बिकवाने से,क्या भारत बना महान है?आज़ादी लेने हेतु रात-दिन तड़पने से,भूखे रहकर फांसी पर चढ़ जाने से,गोलियां खाकर शहीद हो जाने से,क्या भारत बना महान है?जगह जगह भाषा-भाषी मधुर संम्पर्क से,पग-पग पर धार्मिक सौहार्द से,मानव जाति…
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15. प्रदूषण का उद्गम
कश्मीर टाइम्स 4 अक्तूबर 2009 मकान, अस्पताल से बाहर आता प्रदूषण है,इंडस्ट्रीज, फैक्ट्रीज से बाहर आता प्रदूषण है,दुकान, गोदाम से बाहर आता प्रदूषण है,पशुशाला, बूचड़खानों से बाहर आता प्रदूषण है,डालते हैं कहां? हम उस प्रदूषण को,फैंकते है हम कहां? उस प्रदूषण को,क्या हम जलधारा में बहा देते हैं प्रदूषण?या सीमा से बाहर फैंक देते हैं…
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2. विषधर जानो
सितम्बर 2009 मातृवंदनासमझ सके, समझ ले भाई!चापलूस सांप दोनों हैं सगे भाई,चापलूस चापलूसी करता है,जहर सांप उगला करता है,चापलूस नहीं साथी किसी का,मतलब निकाला करता है,दूध पिलाओ चाहे जितनासांप डंक मारा करता है,बात जान ले, सारा यह जहान!चापलूस और सांप दोनों एक समान,
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8. आदर्श समाज की कल्पना
6 सितम्बर 2009 दैनिक कश्मीर टाइम्स सामाजिक जन चेतना आओ हम ऊँच-नीच का भेद मिटायें, सब समान हैं, चहुँ ओर संदेश फैलायें l भारतीय समाज में कोई जाति से बड़ा है तो कोई धर्म से, कोई पद से ऊँचा है तो कोई धनबल से l प्रश्न उठता है कि क्या ऐसा पहले भी होता था…
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1. पन्द्रह अगस्त
अगस्त 2009 मातृवंदनाआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैजीने का अधिकार सबने पाया हैरिश्वत किसी से नहीं लेनी थी इसनेघूस किसी को नहीं देनी थी उसनेतूने कमिशन खाने का अधिकार किससे पाया हैआज दिन पन्द्रह अगस्त का आया हैयहांवहां गबनों का दौर चल रहा हैआए दिन घेटालों का पिटारा खुल रहा हैपलपल माल चोरी का…
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14. क्या तुम ———-?
कश्मीर टाइम्स 23 अगस्त 2009 जब निजहित तुम्हारा होगा देशहित से ऊँचा,और निज सुख तुम्हें दिखने लगेगा महान,तब क्यों कोई देशहित की बात करेगा?क्यों देशहित में कोई करेगा काम?जब देश नहीं रहेगा समृद्धि-सुरक्षा का अधिकारी,तब तुम क्या कर लोगे? निजहित में,जगह-जगह बनें हो नन्द भाई, भ्रष्टाचारी,क्यों धंसे हो? तुम भोग विलासी दलदल में,क्या जागेगा फिर…
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13. मुफ्त प्रदूषण
2 अगस्त 2009 कश्मीर टाइम्स कंकरीट, पत्थरों के इस शहर में,मानव ही प्रदूषण फैलाता है,जगह-जगह ढेर लगाता है गंदगी के,पास से नहीं निकला जाता है,कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंपॉलिथीन लिफाफे, प्लास्टिक सामान बनाती हैं फैक्ट्रियां,बांधकर गांठे शहर-शहर पहुंचाती हैं फैक्ट्रियां,शहरी प्रदुषण फैले तो फैले, उन्हें क्या?कंकरीट, पत्थरों के इस शहर मेंअच्छा होता, अगर इनका…
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7. पालीथीन प्रतिबंधित हुआ, परन्तु —
12 जुलाई 2009 कश्मीर टाइम्स पर्यावरण चेतना हिमाचल सरकार पालीथीन पर प्रतिबंध लगा चुकी है l जम्मू कश्मीर सरकार ने उस पर प्रतिबंध लगा दिया है l इन प्रांतीय सरकारों का यह कार्य प्रयास चहुँ ओर प्रशंसनीय रहा है l अब इन प्रान्तों के शहर व गाँव की गलियों व नालियों पालीथीन लिफ़ाफ़े तो कम…
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6. भारतीय शिक्षा-प्रणाली
28 जून 2009 कश्मीर टाइम्सप्रिय होने के नाते आदि काल से ही भारतवर्ष महान पुरुषों का देश रहा है। उनमें श्री राम, श्री कृष्ण , गुरु नानक देव, आदि गुरु शंकराचार्य, स्वामी विवेकानन्द जी का नाम सर्वोपरि है।इन महान पुरुषों के जीवन चरित्रों का अध्ययन, चिन्तन-मनन करने से हमें अनेकों ऐसे दीप्त ज्ञान-स्तंभ दिखाई देते हैं जिनके प्रकाश …