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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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विनोबा भावे
विचारकों के कथन :-द्वेष की बुद्धि को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते, प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है।- विनोबा भावे
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काका कालेकर
विचारकों के कथन :-सयंम संस्कृति का मूल है। विलासिता, निर्बलता, और चाटुकारिता के वातावरण में न तो संस्कृति का उद्भव होता है और न विकास का।- काका कालेकर
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सरदार वल्लभ भाई पटेल
विचारकों के कथन :-सत्याग्रह की लड़ाई हमेशा दो प्रकार की होती है। एक जुल्मों के खिलाफ और दूसरी स्वयं की दुर्बलता के विरुद्ध।- सरदार वल्लभ भाई पटेल
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बेंजामिन फ्रैंकलिन
विचारकों के कथन :-अज्ञानी होना उतनी शर्म की बात नहीं है, जितना सीखने की इच्छा का न होना।- बेंजामिन फ्रैंकलिन
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लाल बहादुर शास्त्री
विचारकों के कथन :-हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं । – लाल बहादुर शास्त्री
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अब्राहम लिंकन
विचारकों के कथन :-मैं उस व्यक्ति को पसंद करता हूं जो उस स्थान पर गर्व करता है, जहां वह रहता है। मैं उस व्यक्ति को देखना और पसंद करुंगा जिस पर उसके रहने का स्थान गर्व करे।- अब्राहम लिंकन
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आचार्य श्रीराम शर्मा
विचारकों के कथन :-संपदा जोड़-जोड़ रखने वाले को भला क्या पता कि दान में कितनी मिठास है।- आचार्य श्रीराम शर्मा
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मुंशी प्रेमचंद
विचारकों के कथन :-अच्छे कामों की सिद्धि में बड़ी देर लगती है। पर बुरे कामों की सिद्धि में यह बात नहीं।- मुंशी प्रेमचंद
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श्री मद्भगवत गीता
विचारकों के कथन :-जन्म के बाद मृत्यु, उत्थान के बाद पतन, संयोग के बाद वियोग और संचय के बाद क्षय निश्चित है। ज्ञानीजन इन बातों का ज्ञान करके हर्ष या शोक के वशीभूत नहीं होते।- श्री मद्भगवत गीता