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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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सफलता के मूल स्रोत
दिनांक 15.10.26 जीवन में कोई भी उचित कार्य करना, किसी भी व्यक्ति का अपना जीवन उद्देश्य हो सकता है l उसमे सफलता प्राप्त करनी है तो उस व्यक्ति को उसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है l नियम पालन किये बिना उद्देश्य की प्राप्ति करना बहुत कठिन हो सकता है l अगर नियम…
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समाज में असमानता
दिनांक 26 जनवरी 2026# संविधान में समानता का अधिकार है तो समाज में भेद-भाव, ऊँच-नीच क्यों है ?*असमानता – संविधान में समानता का अधिकार होते हुए भी समाज में भेद-भाव क्यों?1. संविधान क्या कहता है? – भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 से 18 नागरिकों को समानता का अधिकार देता है।इनमें प्रमुख बातें हैं -कानून के…
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सत्सनातन – धर्म
सत्य – सौ झूठ छिपाने के लिए एक और झूठ बोला जाये, तब भी वह झूठ ही रहता है, सत्य नहीं हो जाता l इसी तरह एक सत्य को छिपाने के लिए, बार – बार झूठ बोला जाये तब भी सत्य, सत्य ही रहता है, वह कभी झूठ नहीं हो जाता l यह सत्य है…
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मानव जीवन में अनुशासन का महत्व
दिनांक 31 दिसंबर 2025 आलेख मानव मानव जीवन में अनुशासन का महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह व्यक्ति के व्यक्तिगत, सामाजिक और पेशेवर जीवन में सफलता और स्थिरता सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाता है। इसे विस्तार से समझते हैं:1. अनुशासन का अर्थअनुशासन का अर्थ है नियमों, नियमावली और स्व-नियंत्रण का पालन करना। यह व्यक्ति…
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जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति
जिज्ञासा –1.- “जिज्ञासा रखना” – विद्यार्थी का एक विशेष गुण है 2.- जिज्ञासा रखने से – “ज्ञान” प्राप्त होता है lज्ञान –1.- ज्ञान का मुख्य स्रोत – “गुरु” है l2.- बिना गुरु – कभी “ज्ञान” नहीं मिलता है l3.- माता-पिता, अध्यापक और अध्यात्मिक गुरु से “ज्ञान” मिलता है l4.- सत्य “ब्रहम” है और ब्रहम ही…
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मंदिर का उचित रख – रखाव कैसे करें ?
संकलित दिनांक 17 अक्तूबर 2025मंदिर का उचित रख – रखाव (संरक्षण और देखभाल) एक पवित्र और जिम्मेदारी भरा कार्य है l इसे ठीक से करने के लिए शारीरिक, अध्यात्मिक और सामाजिक तीनों पक्षों का ध्यान रखना अति आवश्यक है l 1 स्वच्छता और व्यवस्था – प्रतिदिन फर्श, दीवारें, मूर्तियाँ और आस – पास का क्षेत्र…
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भगवद्गीता सार
संकलित दिनांक 27 दिसंबर 2025भगवद्गीता महाभारत का एक भाग है। इसमें 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। यह संवाद भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में हुआ। गीता जीवन, कर्म, धर्म, मन, आत्मा और मोक्ष का गहरा लेकिन व्यवहारिक ज्ञान देती है।1. गीता की पृष्ठभूमि -क्यों उपदेश दिया गया ? – अर्जुन…
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आदर्श जीवन कैसे अपनाएँ ?
दिनांक 28 नवंबर 2025 आलेख आदर्श जीवन आदर्श जीवन अपनाना कोई एक-दिन का काम नहीं है – यह एक निरंतर साधना, सही दृष्टिकोण, और व्यवहार में छोटे-छोटे बदलावों का परिणाम है। नीचे इसे सरल लेकिन गहराई से समझाया गया है, ताकि आप इसे अपने जीवन में वास्तविक रूप में लागू कर सकें। आदर्श जीवन कैसे…
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आदर्श जीवन की बाधाएं और समाधान
दिनांक 28 नवंबर 2025 आलेख आदर्श जीवन आदर्श जीवन का अर्थ है ऐसा जीवन जिसे व्यक्ति नैतिकता, संतुलन, आत्म-विकास और समाज में योगदान के आधार पर उत्तम समझे। आदर्श जीवन प्राप्त करना आसान नहीं होता, क्योंकि इसमें कई प्रकार की बाधाएँ आती हैं। साथ ही, उनके समाधान भी हैं। नीचे विस्तार से समझते हैं:आदर्श जीवन…
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अखंड भारत से क्या अभिप्राय है ?
दिनांक 19 नवंबर 2025अपना अखंड भारत “अखण्ड भारत” एक सांस्कृतिक-ऐतिहासिक और राजनीतिक-विचारधारात्मक अवधारणा है। इसका प्रयोग अलग-अलग व्यक्तियों या समूहों द्वारा अलग अर्थों में किया जाता है। 1. अखण्ड भारत का मूल अभिप्राय अखण्ड भारत का सामान्य अर्थ है—“एक ऐसा भारत जो बिना विभाजन के, एकात्मक और अविभाजित हो।”यह विचार इस मान्यता पर आधारित है…
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आदर्श जीवन क्या होता है ?
19 नवंबर 2025 आलेख आदर्श जीवन “आदर्श जीवन” एक सार्वभौमिक सत्य नहीं है, बल्कि व्यक्ति के उद्देश्य, मूल्य, धर्म, समाज और अनुभवों के अनुसार बदलता रहता है। फिर भी, प्राचीन भारतीय ज्ञान (गीता, उपनिषद), आधुनिक मनोविज्ञान और व्यवहारिक जीवनशैली – तीनों के आधार पर हम एक संतुलित, सुंदर और व्यावहारिक “आदर्श जीवन” की संरचना समझ…