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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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मैं और मेरा बहुमूल्य मतदान
विश्व के दूसरे महा लोकतांत्रिक प्रभुत्व संपन्न राष्ट्र भारत वर्ष के राज्य हिमाचल प्रदेश में स0 2027 में “विधान सभा” का चुनाव होना निश्चित है l इसके साथ ही साथ उसके विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी विधान सभा का चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया है, कमर कस ली है l वे अपने-अपने क्षेत्रों…
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हितोपदेश
विचारकों के कथन :-बिना कारण कलह कर बैठना मूर्खता है। बुद्धिमता इसी में है कि अपनी हानि सह लें, लेकिन विवाद न करें।- हितोपदेश
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गौतम बुद्ध
विचारकों के कथन :-मनुष्य क्रोध को प्रेम से, पाप को सदाचार से, लोभ को दान से और झूठ को सत्य से जीत सकता है।- गौतम बुद्ध
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रविंद्रनाथ ठाकुर
विचारकों के कथन :-मानव का जीवन एक महानदी की भांति है जो अपने बहाव द्वारा नवीन दिशाओं में राह बना लेती है।- रविंद्रनाथ ठाकुर
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महादेवी वर्मा
विचारकों के कथन :-अपने विषय में कुछ कहना प्रायः बहुत कठिन होता है, क्योंकि अपने दोष देखना आपको अप्रिय लगता है और उनको अनदेखा करना दूसरों को।- महादेवी वर्मा
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महर्षि अरविंद
विचारकों के कथन :-अध्यापक राष्ट्र की संस्कृति के चतुर माली होते हैं। वे संस्कारों की जड़ों में खाद देते हैं और अपने श्रम से उन्हें सींच-सींच कर महाप्राण शक्तियां बनाते है।- महर्षि अरविंद
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स्वामी रामतीर्थ
विचारकों के कथन :-जंजीरें, जंजीरें ही होती हैं, चाहे वे लोहे की हों या सोने की, वे समान रूप से तुम्हें गुलाम बनाती हैं।- स्वामी रामतीर्थ
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डा0 शंकरदयाल शर्मा
विचारकों के कथन :-सहिष्णुता और समझदारी संसदीय लोकतंत्र के लिए उतने हीआवश्यक हैं, जितने संतुलन और मर्यादित चेतना।- डा0 शंकरदयाल शर्मा
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डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्ण
विचारकों के कथन :-साहित्य का कर्तव्य केवल ज्ञान देना नहीं है, परंतु एक नया वातावरण देना भी है।- डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्ण
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विनोबा भावे
विचारकों के कथन :-द्वेष की बुद्धि को हम द्वेष से नहीं मिटा सकते, प्रेम की शक्ति ही उसे मिटा सकती है।- विनोबा भावे
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काका कालेकर
विचारकों के कथन :-सयंम संस्कृति का मूल है। विलासिता, निर्बलता, और चाटुकारिता के वातावरण में न तो संस्कृति का उद्भव होता है और न विकास का।- काका कालेकर