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विचार, संस्कृति, परिवार, समाज और जीवन-दर्शन पर चयनित लेख।
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मैं और मेरा बहुमूल्य मतदान
विश्व के दूसरे महा लोकतांत्रिक प्रभुत्व संपन्न राष्ट्र भारत वर्ष के राज्य हिमाचल प्रदेश में स0 2027 में “विधान सभा” का चुनाव होना निश्चित है l इसके साथ ही साथ उसके विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी विधान सभा का चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया है, कमर कस ली है l वे अपने-अपने क्षेत्रों…
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भारतीय इतिहास
भारतीय इतिहास को आजतलक भारत में जनित, संस्कारित एक भारतीय ने जितना अच्छा जाना हैै, विपरीत सभ्यता, संस्कृति में जनित, संस्कारित किसी विदेशी ने नहीं। उसने तो भारतीय इतिहास को कभी जानने का प्रयास ही नही किया, उसका मात्र एक यही उद्देश्य रहा है कि किस तरह भारत की संगठित शक्ति एवं सुख समृद्धि को…
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आचार्य चाणक्य
ऐसा एक भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आपने एक श्लोक , आधा श्लोक , चैथाई श्लोक या केवल एक अक्षर नहीं सीखा या आपने दान, अभ्यास या कोई पवित्र कार्य नहीं किया।
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भर्तृहरि
धैर्यवान मनुष्य आत्मविश्वास की नौका पर सवार होकर आपत्ति की नदियों को सफलतापूर्वक पार कर जाता है।
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स्वामी दयानन्द सरस्वती
मेेरी आंख उस दिन को देखने के लिए तरस रही है, जब कश्मीर से कन्याकुमारी तक सब भारतीय एक भाषा बोलने और समझने लग जांएगे।
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डा0 भीमराव अम्बेडकर
विचारकों के कथन :-एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को भी तैयार रहता है।- डा0 भीमराव अम्बेडकर
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डा0 एस राधाकृष्ण
विचारकों के कथन :-मानव का मानव होना ही उसकी जीत है, दानव होना हार और महामानव होना चमत्कार है।- डा0 एस राधाकृष्ण
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महात्मा कबीर
विचारकों के कथन :-सांप के दांत, मक्खी के सिर और विच्छू की पूंछ में विष रहता है, परंतु दुर्जनों के तो पूरे शरीर में ही विष रहता है।- महात्मा कबीर
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रविंद्रनाथ टैगोर
विचारकों के कथन :-किसी बच्चे की शिक्षा अपने ज्ञान तक सीमित मत रखिए, क्योंकि वह किसी और समय में पैदा हुआ है।- रविंद्रनाथ टैगोर
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रामधारी सिंह दिनकर
विचारकों के कथन :-कविता वह सुरंग है, जिसमें से गुजरकर मनुष्य एक विश्व को छोड़ कर दूसरे में प्रवेष करता है।- रामधारी सिंह दिनकर