श्रेणी: हमारा गाँव-हमारा समाज
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
वैश्य का बेटा
# वर्ण व्यवस्था में वैश्य का बेटा अपने गुण, संस्कार, स्वभाव अनुसार क्षत्रिय, ब्राह्मण और शूद्र का भी कार्य कर सकता है।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
शूद्र का बेटा
# वर्ण व्यवस्था में शूद्र का बेटा अपने गुण, संस्कार, स्वभाव अनुसार ब्राह्मण, वैश्य और क्षत्रिय का भी कार्य कर सकता है।*
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श्रेणी: सामाजिक वर्ण-व्यवस्था
वर्ण व्यवस्था
# वर्ण व्यवस्था में चारों वर्ण एक दूसरे के पूरक हैं, कोई छोटा-बड़ा या छूत-अछूत नहीं है, जिसे विश्वास न हो उसे मुगल आगमन से पूर्व भारत का प्राचीन इतिहास पढ़ना चाहिए। *
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श्रेणी: शिक्षा का उद्देश्य
शिक्षा का उद्देश्य
# प्राइवेट स्कूलों का उद्देश्य शिक्षा देना हो या न हो परंतु धन कमाना तो अवश्य ही है।*
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श्रेणी: पर्यावरण जन चेतना
समय की मांग
कश्मीर टाइम्स 30 नवम्बर 2008 वह भी एक समय था जब देश में हर नौजवान किसी न किसी हस्त–कला अथवा अपने रोजगार से जुड़ा हुआ रहता था l चारों ओर सुख समृद्धि थी l देश में कृषि योग्य भूमि की कहीं कमी नहीं थी l पर ज्यों-ज्यों देश की जन संख्या टिड्डीदल की भांति बढ़ती…