जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं

  • श्रेणी: ,

    2. जाग रे नौजवान

    मातृवन्दना दिसम्बर 2007 तज मोह प्राण जाग रे नौजवानवीत रहे दिन आलस्य के सारेकर पूरे काम जो गत जन थे हारेहै आग अंगारे तेरे चार चफेरेहटा दे चाहे जाते हों प्राणतज मोह प्राण जाग रे नौजवानजीतना है तूने आशाओं कोखोना है अपनी निराशाओं कोतूने बढ़ाना है ज्ञानदूर करना है अज्ञानतज मोह प्राण जाग रे नौजवानबनना…

    पढ़ें

  • श्रेणी: ,

    22. सुहाना मौसम

    दैनिक जागरण 18 दिसम्बर 2007सर्दी का मौसम आया है बन कर काली घटा छाया है बर्फ बन कर गिरती फुहार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैरिमझिम पानी बरसने लगा है किसानों का मन हर्षाने लगा है डाली डाली फिर होने लगा श्रृंगार है चाँदी सी चमकने लगी धौलाधार हैमतदान का सुहाना मौसम लगता अब…

    पढ़ें

  • श्रेणी: ,

    1. जन मानस विरोधी कदम

    आलेख – सामाजिक चेतना मातृवन्दना नवंबर 2007 जून 2007 अंक में पृष्ठ संख्या 8 आवरण आलेखानुसार “कुछ वर्ष पूर्व “नासा” द्वारा उपग्रह के माध्यम से प्राप्त चित्रों और सामग्रियों से यह ज्ञात हुआ है कि श्रीलंका और श्रीरामेश्वरम के बीच 48 किलोमीटर लम्बा तथा लगभग 2 किलोमीटर चौड़ा सेतु पानी में डूबा हुआ है और…

    पढ़ें

  • श्रेणी: , ,

    10. विद्यार्थी जीवन निर्माण

    20 नवम्बर 2007 दैनिक जागरणमानों तो मानव जीवन का निर्माण किसी भवन का निर्माण करने से कोई कम नहीं है। भवन का निर्माण कार्य किसी निश्चित अवधि तक तो समाप्त हो जाता है पर जीवन निर्माण का कार्य बिन रोके लम्बे समय तक चलाए रखने की अपेक्षा बनी रहती है। इसका वर्णन किसी सफल साधक…

    पढ़ें

  • श्रेणी: ,

    21. वोट हमारा

    दैनिक जागरण 16 नवम्बर 2007 कदम से कदम मिलाकर जो चलेगा,वोट तो हमारा, उसी को मिलेगा,पीछे हमसे अब कोई रहेगा नहीं,अकेला वो कष्ट सहेगा नहीं,अपने साथ, सबको लेकर जो चलेगा,वोट तो हमारा, उसी को मिलेगा,मन में कोई मैल आए न,मन की बात, मन में छुपाए न,विश्वास मत, दोबारा प्राप्त जो करेगा,वोट तो हमारा, उसी को…

    पढ़ें