श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं
-
10. हम वही हैं जो
14 दिसंबर 2008 कश्मीर टाइम्स सामाजिक बुराइयाँ व जन जागरण – 17 हिमाचल की दैनिक पंजाब केसरी 2 फरवरी 2008 में प्रकाशित समाचार लार्ड मैकाले ने कहा था – “भाजपा नेता केदारनाथ सहनी को अमरिका में बसे अडप्पा प्रसाद से मिला पत्र – उन्होंने लार्ड मैकाले द्वारा 1835 में ब्रिटिश संसद में दिए गये वक्तव्य…
-
9. समय की मांग
30 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह भी एक समय था जब देश में हर नौजवान किसी न किसी हस्त-कला एवं रोजगार से जुड़ा हुआ था। चारों ओर सुख-समृद्धि थी। देश में कृषि योग्य भूमि की कहीं कमी नहीं थी। पर ज्यों-ज्यों देश की जन संख्या बढ़ती गई त्यों-त्यों उसकी उपजाऊ धरती और पीने के पानी में…
-
8. राष्ट्रीय समर्थ भाषा
23 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह समाज और राष्ट्र गूंगा है जिसकी न तो कोई अपनी भाषा है और न लिपि। अगर भाषा आत्मा है तो यह कहना आतिशयोक्ति नहीं होगी कि भाषा से किसी व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र की अभिव्यक्ति होती हैं।विश्व में व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र का भौतिक विकास और आध्यात्मिक उन्नति…
-
7. ज्ञान चालीसा
आलेख – कश्मीर टाइम्स 16.11.2008 योग्य गुरु एवंम योग्य विद्यार्थी के संयुक्त प्रयास से प्राप्त विद्या से विद्यार्थी का हृदय और मस्तिष्क प्रकाशित होता है l अगर विद्या प्राप्ति हेतु प्रयत्नशील द्वारा बार-बार प्रयत्न करने पर भी असफलता मिले तो उसे कभी जल्दी हार नहीं मान लेनी चाहिए बल्कि ज्ञान संचयन हेतु पूर्ण लगनता के…
-
6. कब तक होती रहेगी राजभाषा की अनदेखी
आलेख – संस्मरण कश्मीर टाइम्स 9.11.2008क्या हिंदी “हिन्द की राजभाषा” को व्यवहारिक रूप में जन साधारण तक पहुँचाने में कोई बाधा आ रही है ? अगर हाँ तो हम उसे दूर करने में क्या प्रयास कर रहे हैं ? इस प्रश्न का उत्तर ढूंढना ज्यादा जरूरी है lमुझे भली प्रकार याद है, दिनाक 29 फरवरी…