जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



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    मतदान करो, करवाओ – लोकतंत्र सशक्त बनाओ

    दिनांक 2 अक्तूबर 2025त्रिगुणमयी प्रकृति – गीता अनुसार – “प्रकृति त्रिगुण प्रधान है – सात्विक गुण, राजसिक गुण और तामसिक गुण l गुण गुणों में वर्तते हैं l सभी त्रिगुण एक दूसरे के विपरीत व्यवहार करते हैं l जैसे सात्विक गुण प्रबल होने पर राजसिक, तामसिक गुण निर्बल हो जाते हैं l राजसिक गुण के…

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    विश्वव्यापी सत्सनातन धर्माध्यात्म – संस्कृति

    दिनांक 21 सितम्बर 2025“सत्यार्थ प्रकाश” के अनुसार – # अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र, सृष्टिकर्ता, सचिदानंदस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनंत, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी मात्र एक दाता ॐ सबका राम है और सकल संसार उसके आगे भिखारी है l*वैदिक सत्सनातन ज्ञान व धर्म – # सकल संसार में मात्र वैदिक…

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    2. भक्ति, श्रद्धा, प्रेम का पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

    भगवान श्रीकृष्ण लगभग 5000 वर्ष ईश्वी पूर्व इस धरती पर अवतरित हुए थे। उनका जन्म द्वापर युग में हुआ था। द्वापर युग, हिंदू धर्म के चार युगों में से दूसरा युग है। यह युग सत्ययुग के बाद और कलयुग से पहले आता है। द्वापर युग को धर्म, सत्य और सदाचार का युग माना जाता है।…

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    सशक्त न्याय व्यवस्था की आवश्यकता

    दिनांक 29 जुलाई 2025 सत्य, न्याय, नैतिकता, सदाचार, देश, सत्सनातन धर्म, संस्कृति के विरुद्ध मन, कर्म और वचन से की जाने वाली कोई भी चेष्टा अपराध मानी जा सकती है l अपराधों की श्रेणियां – देखा जाये तो विश्व भर में अपराधों की अनेकों श्रेणियां हैं l कोई भी व्यक्ति, कोई भी व्यक्ति संगठन या…

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    आर्य समाज – सशक्त समाज

    दिनांक 19.11.2024 # हम सब आर्य पुत्र/पुत्रियाँ हैं, हमें अपने देश भारत पर गर्व है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – “आर्यावर्त” ही महान “अखंड भारत” है l* # हम आर्यों का राष्ट्र – गांवों का देश, हमारी कर्म भूमि है…

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