श्रेणी: विभिन्न पत्रिकाएं
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11. ज्ञान और शक्ति
दैनिक जागरण 21 जून 2006है बिन ज्ञान के शक्ति अंधीसमस्याएं करती है जटिल पैदाशक्ति बिना है ज्ञान अपाहिजकुछ ही होता है मुश्किल पैदाज्ञान और शक्ति मिलाकरजब किया जाता है कामसफलता की जय होती हैकर्ता को भी मिलता है इनामधार चढ़ी नहीं जिस तलवारवह है तलवार कह सकता है कौनशक्ति लिए अपार व साथ अज्ञान भीमनवा…
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10. नारी
दैनिक जागरण 10 जून 2006 उठ जाग ऐ नारी भारत कीमिट न पाए अब पहचान और भारत कीतू नकल पश्चिम की क्यों करती हैतू रंगरूप अपना क्यों बिगाड़ा करती हैजीन्स पैंटकमीज पहनें सिर मुंडवा करकेदिखाए खुद को जैकेट कोट हैट लगा करकेउठ जाग ऐ नारी भारत कीमिट न पाए अब पहचान और भारत कीतू शराब…
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9. अखंड जोत जलाने दो
दैनिक जागरण 25 मई 2006 विद्या, संस्कृति, साहित्य सृजन करने का,जीवन चुनौतियों का सामना करने का,त्याग, भक्ति, सेवा, बलिदान करने का,दिव्य शक्तियों का, सामर्थ्य का, योग्यता का,बोध करवाता है, विद्यालय कर्तव्य परायणता का,निष्पक्ष प्रकाशन, प्रसारण, प्रदर्शन करने वालो!उच्च जीवन, परिवार, समाज का पोषण करने वालो!ज्ञान-स्रोत हितैषी हैं वैदिक विद्या-मंदिर, उन्हें सक्रिय होने दो,अखण्ड जोत जलाते…
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1. जल धारा कराती है शिवलिंगों को स्नान
आलेख – दैनिक जागरण 17.5.2006 देव भूमि हिमाचल प्रदेश में – सुल्याली गाँव तहसील नूरपुर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है l इसी गाँव में एक कंगर नाला के ठीक उस पर, स्वयम प्रकट हुए आप अनादिनाथ शिव शंकर-भोले नाथ शम्भू जी का प्राचीन मंदिर है जो स्वयं निर्मित एक ठोस पहाड़ी…
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8. समर्थ की पहचान
दैनिक जागरण 14 मई 2006 निर्बल असमर्थ ही छुपता बनता कायर हैबलवान समर्थ करता शूरता का कार्य हैरखता है ध्यान सदा अपने हर कर्म काछोड़ता है संग अपने हर दुष्कर्म काकरता सद्गुणों से जीवन का श्रृंगार हैदेखता जन का जन से होता प्यार हैमनवा जब तू करेगा पाप नहींतब बन पाएगा समर्थ कैसे आप नहीं