श्रेणी: विविधा
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
लोकहित में
लोकहित की बात, कर्म कर, सुन और बोल lदिव्य शक्ति साथ तेरे, मनः फिर न तू डोल ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
स्वावलम्बन
छोटी-छोटी जरूरत पूरी करता चल, एक दिन स्वावलंबी हो जायेगा मेहनत करता चल तू, मनः धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जायेगा ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
नीली चादर तले
ऊपर नीली चादर, खड़ा तू तपती जमीन पर l तूने करना है क्या ? मनः किधर है ? तेरी डगर ll
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श्रेणी: अनमोल वचन
सर्वोत्तम वरदान
अनमोल वचन :-# अच्छा स्वास्थ्य एवंम अच्छी समझ जीवन में दो सर्वोत्तम वरदान है l *