जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



सम्मान भावना


लुटाया था अपना आप उसने तो तू उन्हें पूज रहा l
क्यों पूजेगा, कौन तुझे ? मनः तू तो सबको लूट रहा ll

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