दिनांक 15.10.26
मानव जीवन में करने योग्य कोई भी कार्य उसका लक्ष्य हो सकता है, अगर उसमे सफलता प्राप्त करने हेतु निम्न दिए गए नियमो का पालन किया जाये तो कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि सफलता के इच्छुक को सफलता अवश्य मिल मिलेगी l उन नियमों में कुछ नियम इस प्रकार के हो सकते हैं –
दृढ़ निश्चय करना – जीवन में जब किसी एक कार्य को करने की बार-बार तीव्र इच्छा पैदा हो, तब उस कार्य को करने का पक्का मन अवश्य बना लिया जाता है l
संसाधन जुटाना – मन भाये कार्य को करने में सहायक सुविधाओं, वस्तुओं का उनके मुख्य स्रोतों से उचित प्रबंधन किया जाता है l
समय निकालना – बिना देरी किये मन भाये कार्य का कार्यान्वयन करने हेतु पर्याप्त समय दिया जाता है l
कठोर परिश्रम करना – मन भाये कार्य को करने के लिए जी-जान लगा कर श्रम किया जाता है l
एकाग्रता – व्यक्ति का मन बहुत चंचल होता है, इसलिए मन चित लगा कर मन भाया कार्य किया जाता है l इससे मन इधर-उधर भटकने की अपेक्षा मन भाये कार्य में लगा रहता है l
आत्म विश्वास रखना – सफलता पाने तक मन भाये कार्य के प्रति आत्म विश्वास बनाये रखा जाता है l
विनम्र होना – अपने सभी सहयोगियों, मार्गदर्शकों के साथ विनम्रता पूर्वक बात की जाती है l
शांत रहना – सबके साथ शान्त भाव से बात की जाती है, क्रोध बिलकुल नहीं l
धैर्यशील होना – कार्य करते हुए असफलता मिलना सहज है, धैर्य बनाये रखा जाता है l मन भाये कार्य में सफलता पाने के लिए साहस के साथ बार-बार प्रयास किया जाता है l
स्वाभिमानी होना – स्वयं द्वारा किये गये मन भाये कार्य पर अभिमान नहीं, अपनी दृढ़ता बनाई जाती है l अपने विचारों पर अडिग रहना होता है l
सन्तोष अपनाना – कठिन श्रम से जो कुछ, स्वयं को जितना भी धन, यश प्राप्त हो, उसी में संतोष करना होता है l अधिक पाने की लालसा नहीं रखी जाती है l
सफलता प्राप्त करना – मन लगाकर किया गया परिश्रम कभी निष्फल नहीं जाता है, सफलता अवश्य मिलती है l मन में ऐसा अटूट विश्वास अवश्य होना चाहिए l
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