श्रेणी: कश्मीर टाइम्स जम्मू
-
1. न्याय
18 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्सहोगा फिर न्याय, बस न्याय होगानहीं तो और कुछ न होगा,मांगनी नहीं स्वत्वों की भिक्षा,मिली है हृदय जन्य की शिक्षा,करना है मानवधर्म का सृजन,सुलझेगा पेचीदा सदियों का प्रश्न,होगी खुशहाली, बस न्याय होगा,नहीं तो और कुछ न होगा,खून शेर दौड़ता है निज शिराओं में,होते गीदड़ न बसते शहरों में,बपुरा चिरकाल फंसा विपत्ति,तड़पता…
-
2. विलुप्त होंगी राष्ट्रीय श्वेत धाराएँ
11 जनवरी 2009 कश्मीर टाइम्स सामाजिक जन चेतना -14 “अब आसान नहीं होगा पशुओं को आवारा छोड़ना l विभाग ने बनाई योजना l पंचायतों के निमायंदों को किया जा रहा जागरुक l” जी हाँ, यही है दैनिक पंजाब केसरी में दैनिक दिनांक 14 जून 2008 का प्रकाशित समाचार l स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् भारतीय इतिहास में…
-
4 विषधर
कश्मीर टाइम्स 21 दिसम्बर 2008 समझ सके, समझ ले भाई चापलूस, सांप दोनों हैं सगे भाई चापलूस चापलूसी करता है जहर सांप उगला करता है चपलूस नहीं साथी किसी का मतलब निकाला करता है दूध पिलाओ चाहे जितना सांप डंक मारा करता है बात जान ले सारा यह जहानचापलूस, सांप दोनों एक समान
-
10. हम वही हैं जो
14 दिसंबर 2008 कश्मीर टाइम्स सामाजिक बुराइयाँ व जन जागरण – 17 हिमाचल की दैनिक पंजाब केसरी 2 फरवरी 2008 में प्रकाशित समाचार लार्ड मैकाले ने कहा था – “भाजपा नेता केदारनाथ सहनी को अमरिका में बसे अडप्पा प्रसाद से मिला पत्र – उन्होंने लार्ड मैकाले द्वारा 1835 में ब्रिटिश संसद में दिए गये वक्तव्य…
-
9. समय की मांग
30 नवंबर 2008 कश्मीर टाइम्सवह भी एक समय था जब देश में हर नौजवान किसी न किसी हस्त-कला एवं रोजगार से जुड़ा हुआ था। चारों ओर सुख-समृद्धि थी। देश में कृषि योग्य भूमि की कहीं कमी नहीं थी। पर ज्यों-ज्यों देश की जन संख्या बढ़ती गई त्यों-त्यों उसकी उपजाऊ धरती और पीने के पानी में…