श्रेणी: विविधा
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
कुछ तो अवश्य
कुछ तो अवश्य मिलेगा, तू पहले कर्म कर lफल तुझे जरुर मिलेगा, मनः पहले पूरा फर्ज कर ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
मेहमान न बन
मेहमान न बन तू किसीका, रोजाना न कर तू आना जाना l मेहमान तू रहेगा नहीं, मनः बहुतों ने तो कुत्ता माना ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
चाहे चन्दन डालो
चाहे चन्दन डालो, चाहे सादा इंधन, बस देह का संस्कार होगा l अमीर-गरीब का भेद यहाँ, मनः आगे हिसाब कर्म का होगा ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
खोखला ढोल
खोखला ढोल ढम-ढम करता, गाना तो वह गा नहीं सकता l तू शोर धर्म का करता, मनः जब उस पर चल नहीं सकता ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
सत्य है तुझसे
सत्य है तुझसे जुदा नहीं, वह तुझ में ही समाया है l तार सितार से जुदा नहीं, मनः आवाज सितार से ही आया है ll