श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
नीली चादर तले
ऊपर नीली चादर, खड़ा तू तपती जमीन पर l तूने करना है क्या ? मनः किधर है ? तेरी डगर ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
बुराई
पहले उनको न देख, खुद को ही देख l खुद की कर दूर बुराई, मनः उनकी अच्छाई देख ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
गुम राह
नहीं रास्ता जानता तो उस पर चलना मत l गुम राह तू हो जायेगा, मनः दूसरों को गुमराह करना मत ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
लूट सके तो
लूट सके तो लूट ले तू, भरा है ज्ञान का भंडार lहै प्रकृति अमोल खजाना, मनः कर ले तू उससे प्यार ll
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श्रेणी: आत्मोवाच दोहावली
सत्य का राही
सदग्रन्थ खोल, पढ़ ले जरा, तेरा कल्याण हो जायेगा lसत्याचरण करता चल, मनः तू सत्य राही हो जायेगा ll