जिज्ञासा-ज्ञान-जाग्रति

सत्सनातन शिव – शक्ति परिवार



ब्रह्मचर्य आश्रम

सत्सनातन धर्म के अनुसार जिस आश्रय स्थली से जितेंद्रिय गुरु - शिष्य द्वारा वेद शास्त्र का संयुक्त पठन – पाठन, शस्त्र - शास्त्रों का शिक्षण - प्रशिक्षण अभ्यास के लिए गुरुकुल जाते हैं और उसके पश्चात उनके द्वारा जहाँ लौटकर विश्राम किया जाता है - ब्रह्मचर्य आश्रम कहलाता है l